पिता ने सरोवर से बेटे को निकाला
जब लोगों ने शोर मचाया तो बाबूराम बेटे को बचाने सरोवर में कूदे। बेटे को बाहर निकालकर उसका पेट दबाकर पानी निकालने की कोशिश की, फिर उसे लेकर जिला अस्पताल गए। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। निराश बाबूराम शव मोर्चरी में रखवाकर चले गए। बाबूराम की तलाश में अस्पताल पहुंचे कैंट थाने के दरोगा प्रदीप सैनी ने बताया कि सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
मंदिर प्रबंधन ने दी है हिदायत
श्री धोपेश्वर नाथ मंदिर कमेटी से जुड़े सतीश मेहता ने बताया कि जलाशय में साढ़े चार फुट पानी है। चूंकि, यहां स्नान का कोई शुल्क नहीं है, इसलिए काफी संख्या में लोग यहां आने लगे हैं। मंदिर प्रबंधन अलग से मोटर चलाकर सरोवर में पानी भी भरवाता है। बच्चों को न लाने और निगरानी में नहाने के लिए पुजारी व सेवादार लगातार कहते रहते हैं। अचानक हुए हादसे पर अफसोस जताया।