पवन शर्मा ने कुर्सी छोड़ किया स्वागत
कार्यक्रम में सबसे पहले आंवला के जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह के नाम की घोषणा हुई। दूसरे नंबर पर बरेली जिलाध्यक्ष के लिए सोमपाल शर्मा के नाम की घोषणा की गई। उनके नाम की घोषणा होते ही खुद निवर्तमान जिलाध्यक्ष पवन शर्मा ने कुर्सी खाली कर उनको बिठाया और स्वागत किया।
तीसरे नंबर पर उम्मीद के मुताबिक बरेली महानगर अध्यक्ष के लिए अधीर सक्सेना का नाम पुकारा गया। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं में बधाई देने की होड़ मच गई। मंच पर मौजूद सांसद छत्रपाल गंगवार, प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. अरूण कुमार सक्सेना, संजय गंगवार, मेयर डॉ. उमेश गौतम के साथ विधायक संजीव अग्रवाल, डॉ. डीसी वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल आदि जनप्रतिनिधियों ने फूलमाला पहनाकर स्वागत किया।
...जब गुलदस्ते पड़ गए कम
जिलाध्यक्षों की घोषणा के लिए संगठन पर्व कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि शायद उम्मीद से अधिक आए या गुलदस्ते खरीदने में पार्टी नेताओं ने कंजूसी कर दी। कार्यक्रम में आयोजकों को एक जनप्रतिनिधि का सम्मान हो जाने के बाद गुलदस्ता वापस उठाते हुए देखा गया। इसकी चर्चा खूब हुई। आलम यह रहा कि पांच गुलदस्ते में 28 जनप्रतिनिधि और पदाधिकारियों का स्वागत पूरी चतुराई दिखाते हुए आयोजकों ने करा दिया।
तीनों नेताओं का राजनीतिक सफर
सोमपाल शर्मा बरेली जिलाध्यक्ष
मूल रूप से मीरगंज के रहने वाले सोमपाल शर्मा पिछड़ा वर्ग से हैं। वह वर्ष 1990 में मीरगंज में मंडल अध्यक्ष बने। इसके बाद मीरगंज और भोजीपुरा में विधानसभा प्रभारी भी रहे। वर्ष 2019 से वह जिला कार्यकारिणी में महामंत्री हैं। मैथिल बढ़ई सभा बरेली मंडल के वह अध्यक्ष भी हैं। करीब चार दशक से वह भाजपा से जुड़े हैं।
अधीर सक्सेना महानगर अध्यक्ष
वर्ष 1993 में एबीवीपी से जुड़े। वर्ष 2000 में हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष और 2007 में प्रदेश मंत्री बने। वर्ष 2013 में भाजपा के महानगर मंत्री, महानगर महामंत्री पद पर पार्टी को मजबूत किया। फिर वर्ष 2023 में महानगर अध्यक्ष बने। करीब 30 साल से पार्टी से जुड़ाव है।
आदेश प्रताप आंवला जिलाध्यक्ष
वर्ष 1998 में एबीवीपी से राजनैतिक सफर की शुरुआत की। वर्ष 2007 में भाजयुमो के महानगर अध्यक्ष बने। वर्ष 2011 में भाजपा के जिला मंत्री, 2013 में जिला महामंत्री, 2016 में जिला उपाध्यक्ष बने। वर्ष 2023 से वह आंवला के जिलाध्यक्ष हैं। वर्ष 2014 से 2020 के बीच तीन बार स्नातक एमएलसी, एक बार शिक्षक एमएलसी चुनाव के संयोजक रह चुके हैं।