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कहीं खुला तो कहीं बंद रहा बाजार, कारोबार प्रभावित

Sat, 01 Jul 2017 01:27 AM IST
बरेली। 
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कहीं खुला तो कहीं बंद रहा बाजार, कारोबार प्रभावित - फोटो : कहीं खुला तो कहीं बंद रहा बाजार, कारोबार प्रभावित
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जीएसटी की खामियों के विरोध में विभिन्न ट्रेडाें के कारोबारियों ने ‘महाबंद’ आंदोलन में अपनी ताकत दिखाने की कोशिश जरूर की लेकिन बाजार कहीं बंद तो कहीं खुले रहे। ग्रामीण क्षेत्र और शहर के आसपास इलाकों में बंद का कोई खास प्रभाव नहीं दिखा। हालांकि व्यापारी संगठनाें ने बंद सफल बताया है, जबकि होलसेल कपड़ा कारोबार एसोसिएशन ने अपना आंदोलन वापस कर प्रतिष्ठान खुले रखे, शनिवार को भी थोक कपड़ा बाजार खुला रहेगा। 
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महाबंद सफल बनाने के लिए सभी व्यापारी संगठनाें ने पिछले तीन चार दिन से तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन शुक्रवार को बंद आयोजन में कुछ संगठनाें ने हाथ खींच लिए और तमाम व्यापारियाें में मतभेद पैदा हो गए जिससे सराफा, दवा, कपड़ा, लोहा, रेडीमेड, टिंबर, फर्नीचर, दलहन और खाद्यान्न आदि बाजारों में मिला जुला असर दिखा। सुभाषनगर, सीबीगंज, राजेंद्रनगर, डीडी पुरम, इज्जतनगर, सैलानी, मीरा की पैंठ, नरियावल, बीआई बाजार और तहसील स्तरीय बाजारों में बंद का प्रभाव ही नहीं था। न ही नेताओं ने इन बाजारों को बंद कराने पर कोई ध्यान दिया। कु छ प्रमुख व्यापारी संगठनों ने बंद सफल बताया है। 
- जुलूस निकाला सौंपा ज्ञापन 
आंदोलित व्यापारियों ने जीएसटी के विरोध में जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष शोभित सक्सेना और महानगर अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि सभी बाजाराें में बंद सफल रहा। उन्होंने सहयोग देने वाले व्यापारियाें के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनके उत्साह को देखते हुए स्पष्ट है कि सभी व्यापारी जीएसटी के विरोध में हैं। जतिन अरोड़ा, मुकुल अग्रवाल, डीके जैन, आशू बेग, हसन अली आदि ने बंद सफल में भाग लिया और ज्ञापन सौंपा। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र रस्तोगी, महामंत्री मुकेश शिंघल, योगेश सक्सेना आदि ने कुतुबखाना सब्जी मंडी में सभा कर बंद का आह्वान किया। दिनेश दद्दा, सिराज, गौहर अली, सुधीर गोयल, बॉबी, गोपाल खंडेलवाल आदि ने विचार रखे। इसके बाद जुलूस निकाला और ज्ञापन सौंपा। 
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- बंद के दौरान झड़पे
उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने बड़े स्तर पर बंद सफल कराने की तैयारियां की थी, पदाधिकारियों को जिम्मेदारी भी सौंपी गई। इसलिए शुक्रवार सुबह से ही उनके नेतृत्व में दुर्गेश कुमार, मनमोहन सब्बरवाल, सुदेश अग्रवाल, संजीव चांदना, नवीन अग्रवाल, दर्शनलाल भाटिया, अनिल गुप्ता, अरुण भसीन, सतपाल सलूजा, अमित अरोड़ा, विपिन कोहली, जुगल सुखानी, रविंद्र यादव, राकेश बूबना आदि ने बाजारों में घूमना शुरू कर दिया। लेकिन दोपहर बाद जगह- जगह बाजार खुल गए। श्यामगंज बाजार में तो बंद का कोई असर ही नहीं दिखा ज्यादातर दुकानें खुली रहीं। नेताओं ने बताया कि बंद को लेकर कई जगह झड़पे हुईं। गुप्ता ने कहा है कि जीएसटी को लेकर व्यापारी भयभीत है। 
- दवा दुकानें भी खुलीं 
डिस्ट्रिक्ट बरेली केमिस्ट एसोसिएशन ने बंद के दौरान अपनी नाराजगी दिखाई। दरअसल, पिछले दिनाें फार्मासिस्ट की अनिवार्यता खत्म करने को लेकर बंद बुलाया था लेकिन किसी संगठन ने साथ नहीं दिया, इसे देखते हुए इस बार बंद में इनका भी बहिष्कार रहा। सचिव रितेश मोहन गुप्ता ने कहा कि निजी संबंध होने के चलते कुछ ने शटर गिरा दिये जबकि कुछ ने खोले रखी। न्यू डिस्ट्रिक्ट बरेली केमिस्ट एसोसिएशन के महासचिव सतीश चंद्र सेठी ने बताया कि उन्होंने शाम 4 बजे तक दुकान बंद का समर्थन दिया था। महानगर केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष दुर्गेश खटवानी ने बताया कि कुछ लोगाें को छोड़कर सभी दवा दुकानदाराें ने बंद में समर्थन किया है। खटवानी ने कहा कि बंद जीएसटी के विरोध में नहीं था बल्कि कुछ खामियाें के लिए किया गया था, कम से कम सरकार इनको सुधारने की कोशिश करेगी। 
- 300 करोड़ का कारोबार प्रभावित 
मिले जुले बंद के बावजूद जिले में 300 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। कारोबारियों का कहना है कि अगर महाबंद सफल होता तो एक हजार करोड़ रुपये का असर पड़ता। 
- होल सेल कपड़ा बाजार आज खुलेंगे 
होलसेल कपड़ा एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुपम कपूर ने कहा है कि शुक्रवार को थोक कारोबारी बंद में शामिल नहीं हुए। पहली जुलाई से प्रस्तावित बंद को भी वापस ले लिया गया है इसलिए शनिवार में सभी थोक दुकानें खुली रहेंगी। साथ ही एसोसिएशन की एक जरूरी बैठक भी बुलाई गई है जिसमें अगले कदम पर फैसला होगा। 
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