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सेटेलाइट पर बने ओवरब्रिज, सलीके से बसे शहर

Thu, 07 Apr 2016 01:04 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना के द्वितीय फेज में चयन के लिए नगर निगम की ओर से बुलाई गई पार्षदों की वर्कशाप में तरह-तरह के सुझाव आए। सपा पार्षद दल नेता राजेश अग्रवाल समेत तमाम पार्षदों ने स्मार्ट सिटी के पुराने प्रोजेक्ट में ग्रीन डेवलेपमेंट की खामियों को दूर करने के अलावा रेट्रोफिटिंग के विकल्प पर भी काम करने के सुझाव दिए। सपा पार्षद की ‘अच्छे दिन आएंगे’ के नारे पर भाजपा पार्षद से नोकझोंक हो गई। 
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स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में पार्षदों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मेयर ने पांच सदस्यीय कमेटी के गठन की घोषणा की। नगर निगम की ओर से सिविल लाइन स्थित होटल में बुधवार को पार्षदों की वर्कशाप बुलाई गई। इसमें मेयर डा. आईएस तोमर, नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव, नगर निगम स्टाफ, बीडीए इंजीनियर और पार्षद शामिल हुए। नगर आयुक्त ने पार्षदों से द्वितीय फेज में बरेली का चयन स्मार्ट सिटी योजना में कराने के लिए सुझाव मांगे। नगर आयुक्त ने बताया कि प्रथम फेज में रामगंगा नगर के 250 एकड़ एरिया में ग्रीन फील्ड डेवलप करने के विकल्प पर काम किया गया था जो सफल नहीं हो सका। पार्षद बताएं कि द्वितीय फेज में ऐसा क्या किया जाए कि बरेली का चयन स्मार्ट सिटी के लिए हो जाए। सपा पार्षद राजेश अग्रवाल ने कहा कि हमें ग्रीन फील्ड डेवलपमेंट की पुरानी खामियां दूर कर रेट्रोफिटिंग के विकल्प पर काम करना चाहिए। रंजीत रस्तोगी ने बड़ा बाजार एरिया को रेट्रेाफिटिंग में शामिल करने का सुझाव दिया। बबलू खान, आरिफ कुरैशी, छंगामल मौर्य, चित्रा मिश्रा, अजय रत्नाकर आदि ने पुराना शहर, राजेंद्र नगर, डीडीपुरम और पीलीभीत बाईपास रोड पर सेटेलाइट से फन सिटी तक की कालोनियों को नए सिरे से विकसित करने के सुझाव रखे। सपा के गौरव सक्सेना ने स्मार्ट सिटी के प्रोेजेक्ट पर बोलने में भाजपा के नारे ‘अच्छे दिन आएंगे’ पर तंज कसा तो भाजपा के विपुल लाला ने जवाब देते हुए कहा कि दूसरे प्रदेशों की सरकारों ने स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में पूरा सहयोग किया। सपा सरकार ने बेमन से काम किया इसलिए प्रोजेक्ट असफल हो गया। 

ये होगा रेट्रोफिटिंग प्रोजेक्ट में
मेयर डा. आईएस तोमर का सुझाव था कि रेट्रोफिटिंग डेवपलमेंट में सेटेलाइट पर ओवरब्रिज बनाकर यहां से आठ लेन सड़क पीलीभीत बाईपास पर निकाली जाए। उसमें दो अलग-अलग कम ट्रैफिक के लिए निकलें। पीलीभीत रोड पर सेटेलाइट से फन सिटी तक बीसलपुर रोड, पवन विहार, महानगर, रुहेलखंड विश्वविद्यालय, मेडिकल कालेज, महानगर एरिया को स्मार्ट तरीके से बसाया जाए। रामगंगा नगर को ग्रीन फील्ड डेवपलमेंट के तहत खामियों को दूर कर विकसित किया जाए। 
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36 पार्षद नहीं आए 
स्मार्ट सिटी की वर्कशाप में 36 से ज्यादा पार्षद नहीं आए। अनुपस्थित पार्षदों में अधिकांश भाजपा के थे। प्रथम फेज में स्मार्ट सिटी की तीन वर्कशाप हुई थीं। उनमें भी सपा और भाजपा के पार्षद शामिल नहीं हुए। पार्षदों ने स्मार्ट सिटी के नाम पर केवल बयानबाजी ही की। जमीनी स्तर पर पार्षदों ने कोई काम नहीं किया। 
भागीरथ प्रयास की जरूरत
नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव का कहना था कि द्वितीय फेज में बरेली को स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल कराने के लिए भागीरथ प्रयास की जरूरत है। एक या दो दिन में नई कंसल्टेंट एजेंसी चयन हो जाएगी। पीपीपी मोड पर शहर को स्मार्ट बनाने के लिए 16 अप्रैल तक प्राइवेट एजेंसी से बातचीत फाइनल होनी है। 15 जून तक प्रोजेक्ट तय होकर केंद्र सरकार तक पहुंचना है। 
वर्कशाप में ये मौजूद थे
उपसभापति रेहान अली, मेराज अंसारी, रुबी सलीम, राम मिलन यादव, उस्मान अलवी, विक्रम सिंह, इश्तियाक अहमद, आदिका रघुवंशी, ऊषा मौर्य, अकील गुड्डू, दीपक सक्सेना। सहायक नगर आयुक्त विकास सेन, एनएसए डा. अशोक कुमार, जीएम जलकल एमएल मौर्य, एक्सईएन सतीश कुमार, गयूर अहमद, एई आरबी राजपूत, आर्किटैक्ट अनुपम कुमार आदि।   
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