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सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट- दोबारा हुई पैमाइश, अब नतीजा उलट

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बरेली। रजऊ परसपुर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की पैमाइश में फिर उलटफेर हो गया है। तहसील फरीदपुर की ओर से दोबारा कराई गई पैमाइश में अब यह जमीन मौके पर 0.482 हेक्टेयर कम पाई गई है। कहा गया है कि प्लांट की जमीन के आंशिक भाग पर इन्वर्टिस विश्वविद्यालय की दीवार बनी हुई है। हालांकि एसडीएम फरीदपुर ने और सटीक पैमाइश के लिए टोटल सर्वे को उचित बताया है। इससे पहले पिछले दिनों फरीदपुर तहसील की ही टीम की पैमाइश में प्लांट की जमीन रिकॉर्ड से 0.031 हेक्टेयर ज्यादा बताई गई थी।
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रजऊ परसपुर का सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट मेयर उमेश गौतम की दुखती रग है। पोर्टेबल शॉप प्रकरण की जांच के बाद पिछले दिनों नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. सॉलिड वेस्ट प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की बात कही थी। इसके बाद उन्होंने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की पैमाइश की प्रक्रिया भी शुरू करा दी। नगर आयुक्त के अनुरोध पर डीएम ने फरीदपुर तहसील की टीम से रजऊ परसपुर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की जमीन की पैमाइश कराई थी, जिसकी रिपोर्ट भी डीएम को भेज दी गई है। एसडीएम फरीदपुर की ओर से भेजी गई तहसीलदार फरीदपुर की रिपोर्ट में कहा गया है कि राजस्व रिकार्ड के अनुसार नगर निगम की जमीन मौके पर 0.482 हेक्टेयर कम है और इसके आंशिक भाग पर इन्वर्टिस विश्वविद्यालय की बाउंड्रीवाल बनी प्रतीत होती है। साथ ही उन्होंने मौके पर निर्माण के चलते सटीक पैमाइश को संभव न होना बताकर टोटल सर्वे कराने की बात कही है।

चकबंदी नक्शे से पैमाइश पर घट गई जमीन
अपनी रिपोर्ट में तहसीलदार फरीदपुर का कहना है कि नगर निगम और राजस्व विभाग के रिकार्ड में अंतर है। नगर निगम के रिकार्ड में जमीन 8.586 हेक्टेयर है, जबकि चकबंदी आकारपत्र (नक्शा) के अनुसार 8.735 हेक्टेयर जमीन अंकित है। पिछली बार तहसील टीम ने निगम रिकार्ड से पैमाइश की तो प्लांट की जमीन रिकार्ड से ज्यादा पाई गई। इसके बाद दोबारा नक्शे के अनुसार पैमाइश की तो प्लांट की जमीन घट गई।
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पैमाइश में भिन्नता पर अधिकारी चुप
पिछले दिनों तहसील फरीदपुर की टीम ने पैमाइश करने के बाद प्लांट की जमीन मौके पर रकबा की अपेक्षा 0.031 हेक्टेयर ज्यादा पाई गई थी। मगर यह रिपोर्ट मीडिया में लीक हो गई। इसके बाद 30 जून को एसडीएम फरीदपुर की ओर से जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजी गई है, जिसमें मौके पर जमीन 0.482 हेक्टेयर कम बताई गई है। मगर रिपोर्ट में भिन्नता को लेकर अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

मेयर बोले- हमारी भी जमीन है कम
मेयर उमेश गौतम का कहना है कि उन्होंने पैमाइश कराई थी, उनके इन्वर्टिस विश्वविद्यालय की जमीन भी मौके पर कम है। उनका कहना है कि पता नहीं जमीन किसने दबा रखी है। प्रशासन जब टोटल सर्वे कराने की बात कह रहा है तो करा ले और उनकी जमीन भी दिलवा दे।
पुरानी रिपोर्ट के बारे में मुझे कुछ नहीं पता है। मगर सही रिपोर्ट यही है जिसमें मौके पर जमीन कम पाई गई है। मौके पर निर्माण है, लिहाजा यथासंभव पैमाइश की गई है। और सटीक पैमाइश के लिए टोटल सर्वे कराया जा सकता है। - अरुण कुमार सिंह, एसडीएम फरीदपुर
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