खानपुर के खेतों में पूरे दिन डेरा जमाए रहे हाथियों ने दिन छिपने के बाद दक्षिण दिशा में गांव की आबादी की ओर रुख किया तो वन विभाग के अफसरों की धड़कनें बढ़ गईं। मुख्य वन संरक्षक पीपी सिंह ने पहले से वहां रखवाए गोबर के उपलों में आग लगाकर धुआं कराया और वनकर्मियों से पटाखे दगवाए तो हाथी आगे बढ़ने के बजाय गन्ने के खेतों में ओझल हो गए। हाथियों की मौजूदगी से गांव के लोग दहशत में हैं। लोगों ने बताया कि रात होते अधिकांश वनकर्मी और अधिकारी मौके से चले गए। थोड़े-बहुत जो वनकर्मी गांव में रुके हैं, वे स्कूल की छतों से हाथियों की निगरानी की कोशिश कर रहे हैं।
अफसरों की कोशिश.. गांवों से दूर ही रहें हाथी
मुख्य वन संरक्षक ललित वर्मा, पीपी सिंह और सुजय बनर्जी के साथ वन संरक्षक जावेद अख्तर, सुरेश यादव, डीएफओ अखिलेश यादव और अनिल पटेल के अलावा कई आला अधिकारी शुक्रवार देर शाम हाथियों की दहशत से लोगों को निजात दिलाने की रणनीति बनाने के लिए मंथन करते रहे। अधिकारियों के बीच मुख्य विषय हांका लगाने में आ रही दिक्कतों का था। हाथियों को गांवों की ओर जाने से रोकने की रणनीति पर भी बात हुई। सूत्रों के मुताबिक तय हुआ कि हाथियों को एक-दो दिन और वाच किया जाएगा। इसके बाद अंतिम रणनीति तैयार की जाएगी।
डीएम ने सभी एसडीएम को किया अलर्ट
डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि हाथियों की दहशत को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। जिले के सभी एसडीएम और तहसीलदारों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने कहा कि हाथियों को वापस जंगलों में भेजने का काम वन विभाग को ही करना है। वन विभाग के अधिकारी रणनीति तैयार कर रहे हैं। प्रशासनिक टीम को उनके सहयोग के लिए लगाया गया है।