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UP: पढ़ा-लिखाकर बनाया सिपाही, नौकरी लगते ही पत्नी ने छोड़ा घर, पति की गुहार पर अदालत ने दिया ये आदेश

Wed, 20 Aug 2025 03:08 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में एक महिला को उसके पति ने पढ़ा-लिखाकर सिपाही बनाया। नौकरी लगते ही महिला ने पति से दूरी बना ली और पति व दो बेटियों को छोड़कर चली गई। पति ने अदालत में गुजारा भत्ता के लिए गुहार लगाई। 
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जनपद न्यायालय,बरेली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में पति ने पढ़ा-लिखाकर पत्नी को सिपाही बनने में मदद की। सिपाही बनते ही वह दो पुत्रियों और पति को छोड़कर चली गई। पति ने पारिवारिक अदालत में धारा 144 बीएनएसएस के तहत गुजारा भत्ता दिलाने की गुहार लगाई। अदालत ने सिपाही को दोनों पुत्रियों को पांच-पांच हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण के लिए देने का आदेश दिया है। आवेदन प्रस्तुत करने की तारीख से प्रति माह यह रकम देनी होगी।

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सुभाषनगर क्षेत्र निवासी शख्स ने अदालत को बताया कि उसने 2009 में आर्य समाज मंदिर में महिला से विवाह किया था। विवाह के बाद दो पुत्रियां हुईं। उसने शादी के बाद पत्नी को पढ़ाया। वर्ष 2011 में वह होमगार्ड बन गई। फिर 2019 में वह सिपाही बन गई। इसके बाद वह परिवार को भूलकर एक सैनिक से चैटिंग करने लगी। वर्ष 2020 में घर छोड़ गई।

पति का आरोप है कि घर आकर पुत्रियों से मिलने के लिए कहा तो वह धमकी देने लगी। इसके बाद पति ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने नोटिस जारी किया, पर वह उपस्थित नहीं हुई। इस पर चंद्र प्रकाश तिवारी की पारिवारिक अदालत ने एक पक्षीय आदेश पारित किया। चूंकि दोनों पुत्रियां नाबालिग हैं, इसलिए यह रकम पिता के खाते में देनी होगी। 

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