नवाबगंज। तहसील नवाबगंज के बीजामऊ गांव के तालाब की मिट्टी को खनन माफिया को बेच दिया गया। सूचना पर पहुंचे कार्यवाहक तहसीलदार रजनीश सक्सेना ने राजस्व और पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचकर तालाब से निकाली जा रही मिट्टी पर रोक लगा दी।
तहसील क्षेत्र के गांव बीजामऊ के तालाब से ग्राम प्रधान वीरेंद्र सिंह ने मिट्टी निकलवा रहे थे। ग्राम के इस तालाब से मिट्टी निकाले जाने की सूचना गांव के ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन को सूचना दे दी। इस पर कार्यवाहक तहसीलदार रजनीश सक्सेना, कानून गो मुनीश कुमार मिश्रा, लेखपाल उर्वशी के साथ ही थाना हाफिजगंज की पुलिस फोर्स के साथ ग्राम पहुंचे और तालाब से मिट्टी निकलवा रहे ग्राम प्रधान से दस्तावेज मांगे, जिसे न दिखाने पर तहसीलदार रजनीश सक्सेना ने मिट्टी निकाले जाने पर रोक लगा दी।
क्या कहते हैं ग्राम प्रधान
ग्राम प्रधान वीरेंद्र कुमार ने बताया कि गांव में 46 बीघा का सरकारी तालाब है। इस तालाब में पहले मछली पालन होता था, लेकिन कुछ लोगों ने विरोध कर मछली पालन कराने से रोक लगा दी थी। इस तालाब की मिट्टी को लेकर एनएच के ठेकेदार से करार हुआ है कि वह तालाब से मिट्टी लेंगे और इसे अमृत सरोवर बनाकर देंगे। इस मामले में डीएम और डीसी मनरेगा की आख्या के बाद ही खुदान शुरू हुआ है।
तालाब पर अवैध कब्जे के मामले में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत
बिशारतगंज। विकास खंड आलमपुर जाफराबाद के गांव मलगांव में तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण कराने के मामले में आला अधिकारियों सहित मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई है।
आंवला तहसील में आने वाले गांव मालगांव निवासी डाल सिंह ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके गांव में गाटा संख्या 715 व 806 तालाब में दर्ज हैं। गांव के कुछ दबंगों ने तालाब पाट कर अवैध कब्जा कर पक्के निर्माण करा लिए हैं। डाल सिंह का आरोप है कि तालाब के पास ही उनका 11 बीघा खेत है। तालाब पर अवैध कब्जे के कारण पानी निकास नही हो पाने की वजह से उनके खेत में पानी भरा रहता है। कोई फसल नही हो पाती है। आरोप है कि पूर्व में भी कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई। राजस्व विभाग की टीम गांव आई। अवैध कब्जेदार दबंगों से सांठगांठ कर खानापूर्ति कर मनमाने ढंग से आख्या लगा दी। संवाद