बरेली/बहेड़ी। मंडनपुर शुमाली गांव में 13 बीघा जमीन की बिक्री के बाद खतौनी में नाम नहीं चढ़ पाए। इस जमीन पर धोखाधड़ी से विरासत कराकर फर्जी बैनामा दूसरे पक्ष को करा दिया गया। दूसरे पक्ष ने कब्जा लेने की नीयत से फसल पलट दी। मामले की शिकायत जिला अधिकारी से करते हुए पीड़ित ने जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की है। हालांकि जिलाधिकारी ने मामले में संज्ञान लिया है।
मंडनपुर शुमाली गांव के रमन अरोड़ा ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि उन्होंने अपने सगे भाई से 2008 में 13 बीघा जमीन खरीदी थी, जिसका बैनामा भी कराया था। इस जमीन का दाखिल खारिज 2015 में हो चुका है। रेवेन्यू विभाग की गलती से खतौनी में आदेश दर्ज नहीं हो सका। उनके भाई की मृत्यु के बाद उनके भतीजे ने धोखाधड़ी से हल्का लेखपाल से मिलकर इसी जमीन की विरासत अपने नाम दर्ज करा ली। इस जमीन को उनके भतीजे ने फर्जी बैनामा कराकर दूसरे पक्ष के हाथ बेच दी। आरोप है कि नायब तहसीलदार ने भी फर्जी बैनामे का दाखिल खारिज बैक डेट में दूसरे पक्ष के हित के लिए कर दिया, जबकि खतौनी पर स्टे चढ़ा हुआ है।
उन्होंने बताया कि उनकी जमीन पर कब्जा लेने की नीयत से कुछ लोग असलहों के साथ पहुंचे और उनकी फसल को नुकसान पहुंचा दिया। इस मामले में जिलाधिकारी ने उन्हें जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। संवाद