बीडीए के आवासों से गायब होगा ‘समाजवाद’
- फोटो : 'Socialism' will disappear from BDA housing
सपा सरकार में 70 से ज्यादा समाजवादी आवास बनाने वाले बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की डिक्शनरी से अब ‘समाजवाद’ शब्द कम से कम पंाच साल के लिए गायब होने जा रहा है। रामगंगा नगर में बीडीए ने जहां पर समाजवादी आवास बनाए हैं, वहीं अब दो सौ नए डुप्लेक्स आवास बनाने की तैयारी है लेकिन इनका नाम ‘समाजवादी आवास’ नहीं रखा जाएगा। वर्ष 2015 में सीएम अखिलेश यादव ने शहरी माध्यम वर्गीय परिवारों को कम कीमत पर आवास उपलब्ध कराने के लिए लखनऊ में ‘समाजवादी आवास योजना’ शुरू की थी। इसके बाद बरेली विकास प्राधिकरण ने रामगंगा नगर में चार सौ से ज्यादा समाजवादी आवास बनाने का प्लान बना डाला। जब इतने आवासों की बिक्री की डिमांड नहीं आई तो दोबारा डिमांड मांगी गई। अगली बार डिमांड पर 70 समाजवादी आवास बनाए गए। इनका आवंटन अभी भी नहीं हो पाया। विधानसभा चुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद बीडीए की प्राथमिकताएं बदल गई हैं। ‘समाजवादी आवासों’ के बराबर में ही बीडीए दो सौ नए डुप्लेक्स आवास बनाने की तैयारी कर चुका है लेकिन इनके नाम में समाजवाद शब्द नहीं होगा। आवास निर्माण की कार्ययोजना बनाने से पहले ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ का अध्ययन किया जा रहा है। इसके साथ ही मध्यमवर्ग के अलावा गरीब वर्ग को भी आवास आसानी से उपलब्ध कराने के लिए कीमत भी कम रखने के तकनीकी पहलुओं पर भी मंथन चल रहा है। नए आवास किस नाम से बनेंगे, ये नई सरकार की गाइड लाइन पर निर्भर करेगा।
रामगंगा नगर में दो सौ नए डुप्लेक्स आवास प्रस्तावित हैं। इनका नाम ‘समाजवादी आवास’ नहीं होगा। नई सरकार बनने के बाद शासन से जारी गाइड लाइन के हिसाब से ही आवास निर्माण की रुपरेखा तय होगी। अजय सिंह, चीफ इंजीनियर बीडीए