महिला यौन उत्पीड़न समिति की चेयरमैन और पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रेखा गुप्ता ने महिला कर्मचारी के उत्पीड़न पर समाज कल्याण अधिकारी आरसी गुप्ता से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। महिला कर्मचारी से भी आरोपों के सबूत पेश करने को कहा गया है। समाज कल्याण अधिकारी के जवाब देने के बाद समिति अगला कदम उठाएगी। चार दिन पहले समाज कल्याण विभाग की महिला कर्मचारी ने अपने ही विभाग के अफसर पर अभद्रता के आरोप लगाए थे। कर्मचारी का कहना था कि जब वह समाज कल्याण अधिकारी से अवकाश मांगने गई तो उन्होंने अभद्रतापूर्ण व्यवहार किया। कर्मचारी के आरोपों की जांच महिला यौन उत्पीड़न समिति कर रही है। पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय यौन उत्पीड़न समिति में सांख्यिकी अधिकारी अर्चना सिंह, उर्दू अनुवादक शबाना बी और अब्बास जैदी, निशा जनकल्याण समिति की निशा, सहायक संख्या अधिकारी प्रदीप सक्सेना और सहायक सचिव विवेक दुबे भी शामिल हैं। सरकारी सेवाओं में महिला उत्पीड़न की जांच यही समिति करती है। समिति का गठन तीन साल के लिए किया जाता है। समाज कल्याण अधिकारी पर इससे पहले भी उनके विभाग की ही एक महिला ने अभद्रता का आरोप लगाया था।