गन्ने का भुगतान भी रुका
समाज कल्याण विभाग की रिपोर्ट के बाद उनका खाता बंद कर दिया। तब से आज तक महिला खुद को जिंदा होने का प्रमाण देती भटक रही है, लेकिन अभी तक उसकी कोई सुनवाई नहीं हो सकी। महिला का कहना है कि मृत घोषित होने से उसके बैंक खाते में पड़े गन्ना का भुगतान भी नहीं मिल पा रहा है। यही नहीं किसान सम्मान निधि भी बंद हो गई है।
क्या बोली पीड़ित महिला
सुरसती देवी ने बताया कि उनको मृत घोषित कर दिया गया था। जब पेंशन नहीं आई तो बैंक गईं। वहां बताया गया कि समाज कल्याण विभाग से खाते पर रोक लगा दी गई है। इस पर कई बार पूरनपुर बीडीओ के यहां गई। कागज भी दिए। इसके बाद भी काम नहीं हुआ। विकास भवन के भी काफी चक्कर काटे। किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। अब दफ्तरों के चक्कर काटते काटते थक गई हूं। पेंशन न आए लेकिन उसका खाता तो खुलवा दिया जाए, गन्ने के भुगतान के रुपये खाते में पड़े हैं, उसे निकालना है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी विपिन वर्मा ने बताया कि मामला 2017 का है और इसकी उनको जानकारी नहीं है। इसे दिखवाया जा रहा है। कार्यालय के कर्मियों ने बताया कि महिला अभी तक उनके पास नहीं आई है। सोमवार को कार्यालय खुलने के बाद नियमानुसार पात्र महिला की पेंशन को चालू करवाया जाएगा।