तत्कालीन एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध के तबादले के बाद अधिकारियों ने जांच में उसे क्लीनचिट दे दी थी। हालांकि मौजूदा एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने इसी पत्रावली में उसे दंडित कर दिया था। इसके बाद उसने पीलीभीत में तबादला कराकर थानेदारी ले ली।
पीड़िता के साथ बारादरी थाने पहुंची अन्य युवतियों ने भी सिरोही पर गंभीर आरोप लगाए। बताया कि पीड़िता की किरायेदार व सहेलियों को भी वह इसी तरह के मैसेज और अश्लील फोटो भेज रहा था। वर्दी उतारकर अश्लील हरकत करते सिरोही के कई फोटो इन लोगों के मोबाइल में हैं। अश्लील चैट के साथ ही सिरोही की अश्लील रिकॉर्डिंग भी इनके पास हैं।
एसओ का नंबर बंद, हनीट्रैप का बता रहे मामला
अमर उजाला ने आरोपों को लेकर राजेंद्र सिंह सिरोही से बातचीत का प्रयास किया, पर बात नहीं हो सकी। मंगलवार दोपहर अफसरों के पास पीड़ित पक्ष के पहुंचते ही राजेंद्र सिंह ने मोबाइल बंद कर लिया। हालांकि उसने बारादरी इंस्पेक्टर व अन्य अधिकारियों को जो सफाई दी है, उसके मुताबिक हनीट्रैप की तरह उसे फंसाकर वसूली की कोशिश की जा रही थी।
वह झांसे में नहीं आया तो शिकायत कर दी गई। उसने यह भी सफाई दी कि महिला नवाबगंज थाने के दीवान समेत कुछ अन्य लोगों पर भी आरोप लगा चुकी है, बाद में उसने समझौता कर लिया। बारादरी इंस्पेक्टर अभिषेक सिंह ने इस बारे में संबंधित दीवान से बात की, पर उन्होंने कुछ कहने से इनकार कर दिया।