कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने मीरगंज और बरेली में ताबड़तोड़ तीन सभाएं कर प्रत्याशियों के लिए माहौल बनाया। उन्होंने सपा-कांग्रेस गठबंधन के फायदे गिनाते हुए कहा कि मुल्क में सांप्रदायिक ताकतों ने जो माहौल बनाया है उसे ठीक करने के लिए दोनों साथ आए हैं। बरेली के आजाद इंटर कालेज में शाम को हुई सभा में गुलाम नबी ने कहा कि अब से पहले कभी देश में पोलराइजेशन नहीं हुआ जो अब नरेंद्र मोदी के वक्त में हो रहा है। डर और दहशत का आलम ये है कि दूसरों की बात छोड़िए सेक्यूलर हिंदू भी डरते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर सपा-कांग्रेस समझौता पहले हो गया होता तो आज केंद्र में भाजपा की सरकार नहीं होती। इससे पहले पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन ने कहा कि देश में फासीवादी ताकतों को मजबूत करने की साजिश चल रही है। इसी की रोकने के लिए सपा कांग्रेस का तालमेल हुआ है। पूर्व विधायक इस्लाम साबिर ने कहा कि आप लोगों ने कैंट क्षेत्र मेरे परिवार को जिताया अब नवाब मुजाहिद हसन खां को जिताना है।
पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन, शहर प्रत्याशी प्रेम प्रकाश अग्रवाल, कैंट प्रत्याशी नवाब मुजाहिद हसन खां आदि ने भी सभा को संबोधित किया। इस दौरान राष्ट्रीय व प्रांतीय नेताओं में नसीब पठान, शकील अहमद. महाबल मिश्रा, फुरकान अंसारी के अलावा स्थानीय नेताओं में उत्तराखंड के दर्जा राज्यमंत्री शकील कुरैशी, मेयर डा. आईएस तोमर, सपा के प्रदेश सचिव इंजी. अय्यूब हसन खां, जिलाध्यक्ष राम देव पांडेय, अजय शुक्ला, डा. चारू मेहरोत्रा, अमजद सलीम, आदि मौजूद रहे। संचालन महानगर अध्यक्ष चौधरी असलम व कलीम हैदर ने किया। जोगी नवादा के अल्वी चौराहे पर भी इसी तरह सभा आयोजन किया गया जिसमें उन्होंने प्रत्याशियों के हक में वोट देेने की अपील की।
मीरगंज की सभा में गुलामनबी आजाद ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव की गलती से सबक लेकर यूपी की बेहतरी के लिए अबकी विधानसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस और सपा ने एक-दूसरे से हाथ मिला लिया है। 2014 में भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था बल्कि 69 फीसदी वोट उसके विरोध में पड़ा था। 2019 में भाजपा विरोधी सारी ताकतें एक हो जाएं तो भाजपा 15-20सीटों पर ही सिमटकर रह जाएगी। एक भी मुस्लिम को टिकट न देने पर भाजपा को मुस्लिम विरोधी भी करार दिया। मंच पर प्रत्याशी नरेंद्रपाल सिंह गंगवार, इस्लाम साबिर, शकील अहमद, फुरकान अहमद, शराफत अली खां, पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन आदि भी मौजूद रहे।