बरेली। घोटालेबाजों के फर्जीवाड़े में ठगे गए लोगों को जिला सहकारी बैंक उनकी रकम लौटाने लगा है। अब तक पांच किसानों को उनकी सम्मान निधि के कुल 76 हजार रुपये लौटाए गए हैं। इसमें चार किसान शाहजहांपुर के और एक बरेली जिले का है।
जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक देवेंद्र कुमार ने बताया कि फरीदपुर व कनमन बैंक शाखाओं में 1.80 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था। जिसके संबंध में एफआईआर दर्ज कराई थी। यह धनराशि उन लाभार्थियों की थी, जो किसान सम्मान निधि, वृद्धावस्था व विधवा पेंशन पा रहे हैं। इसके अलावा अन्य कई योजनाओं के अनुदान का पैसा है। महाप्रबंधक ने कहा कि संबंधित सभी लाभार्थियों को सहकारी बैंक उनकी धनराशि को लौटा रहा है। जिसके क्रम में शाहजहांपुर के पट्टी हज्जूपुर देवकली के राम सिंह व चिलौला केवल रामपुर जलालाबाद के शिवमोहन को उनके 14-14 हजार रुपये लौटाए गए हैं। राम सिंह का पैसा घोटालेबाज बैंक कर्मियों ने शिवानी नाम के फर्जी खाते में और शिवमोहन की सम्मान निधि कथित पुष्पा देवी के खाते में प्राप्त की थी। इसी तरह शाहजहांपुर के होसीपुर खेड़ा के अरुण कुमार सिंह की सम्मान निधि के छह किस्तों में कुल 16 हजार रुपये गुड्डी देवी के खाते में प्राप्त किए गए थे। शाहजहांपुर के ही शिरिया खुदागंज के कृष्णानंद पांडेय की सम्मान निधि के कुल 16 हजार रुपये रामवीर सिंह के खाते में आ गए थे। इन सभी को सहकारी बैंक ने पैसा लौटा दिया है।
महाप्रबंधक ने बताया कि घोटालेबाज बैंक कर्मी किसान राम सिंह, अवधेश कुमार व अरुण कुमार सिंह की सम्मान निधि की धनराशि फर्जी खातों से निकाल पाते कि तब तक मामला पकड़ में आ गया था। संवाद
निलंबित शाखा प्रबंधक के उधारी खाते से लौटाई रकम
सहकारी बैंक के महाप्रबंधक ने बताया कि कृष्णानंद पांडेय की सम्मान निधि के कुल 16 हजार रुपये कनमन बैंक शाखा के घोटालेबाजों ने रामवीर सिंह नाम के फर्जी खाते में प्राप्त किया था। इसमें से 15,500 रुपये उन लोगों ने निकाल लिए थे। जिस पर कृष्णानंद पांडेय को फर्जी खाते में शेष बचे 500 और 15,500 रुपये बैंक की तरफ से मिलाकर लौटाया है। बैंक की तरफ से दी गई रकम को तत्कालीन निलंबित शाखा प्रबंधक हितेंद्र सिंह राठौर के नाम से पावना (उधारी) खाते में दर्शाई गई है। इनसे रिकवरी होने पर यह पैसा जोड़ा जाएगा।