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तो बिना बेहोश किए ही 78 गर्भवती महिलाओं के कर दिए आपरेशन 

Mon, 08 May 2017 01:16 AM IST
बरेली। 
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तो बिना बेहोश किए ही 78 गर्भवती महिलाओं के कर दिए आपरेशन  - फोटो : तो बिना बेहोश किए ही 78 गर्भवती महिलाओं के कर दिए आपरेशन 
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जिला महिला अस्पताल की हर महीने शासन को भेजी जाने वाली रिपोर्ट को सही माने तो यह वाकई चौंकाने वाला है मामला है। 78 गर्भवती महिलाओं के मेजर आपरेशन बिना एनेस्थीसिया दिए यानी बेहोश किए ही कर दिए गए। मार्च 2017 की रिपोर्ट के अनुसार 190 मेजर आपरेशन महिला डॉक्टरों द्वारा किए गए हैं, लेकिन जो रिपोर्ट एनेस्थीटिक की दी गई है उसके मुताबिक मात्र 112 को ही बेहोश किया गया है। इस रिपोर्ट से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियाें के भी होश उड़ गए हैं। अब या तो यह रिपोर्ट गलत है या महिलाओं के आपरेशन बिना एनेस्थीसिया के किए गए हैं। महिला अस्पताल में महिला मरीजों के साथ बुरे बर्ताव की शिकायतें आम हैं। उनसे पैसे लिये जाने की बात भी किसी से छिपी नहीं है। लेकिन इन सबसे इतर अब एक नया मामला सुनने को मिला है। अमर उजाला के हाथ लगी मार्च 2017 की रिपोर्ट चौंकाती है। जो रिपोर्ट बनाकर स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई है उसके मुताबिक महिला अस्पताल की पांच डॉक्टरों ने 190 मेजर आपरेशन किए हैं। माइनर आपरेशन की संख्या 253 हैं। कुल 443 आपरेशन मार्च माह में किए गए हैं। लेकिन इसी माह की एनेस्थेटिक रिपोर्ट के अनुसार महिला अस्पताल में तैनात दो एनेस्थेटिक ने कुल 112 मरीजों को ही बेहोश किए हैं। जिसमें डॉ. ललित सक्सेना ने 50 और डॉ. बृजेश कुमार ने 62 लोगाें को बेहोश किया है। इस रिपोर्ट की माने तो मेजर आपरेशन के 78 मरीजों का आपरेशन बिना एनेस्थीसिया दिये ही कर दिया गया। हालांकि इसमें भी डॉक्टरों के अलग- अलग तर्क हैं। लेकिन सर्जन, एनेस्थेटिक और स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ भी मानते हैं कि मेजर आपरेशन में बिना एनेस्थीसिया दिये आपरेशन नहीं किया जा सकता है। रिपोर्ट में गलती हो सकती है। 
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- एनेस्थीसिया का होता है उपयोग 
मरीज के शरीर को सुन्न या बेहोश करने के बाद उसका इलाज करने को एनेस्थीसिया कहा जाता है। यह तीन तरह के होते हैं जनरल, रीजनल और लोकल। जनरल एनेस्थीसिया में पूरे शरीर को सुन्न किया जाता है जो बहुत ही दुर्लभ मामलाें में होता है। रीजनल एनेस्थीसिया में शरीर के अंग को सुन्न करते हैं जो स्पाइनल व अन्य जगह करके किया जाता है। आम तौर पर इसका ही इस्तेमाल होता है। तीसरा लोकल एनेस्थीसिया होता है जिसे डॉक्टर अपने स्तर से प्रयोग करते हैं। इसमें एनेस्थेटिक की जरूरत नहीं पड़ती। यह चोट, दांत और आंख के आपरेशन में प्रयोग करते हैं। 
मेजर आपरेशन में एनेस्थीसिया देना जरूरी है। हालांकि यह तीन तरह के होते हैं। जनरल और रीजनल छोड़ दें तो लोकल एनेस्थीसिया डॉक्टर दे सकते हैं। महिला अस्पताल की रिपोर्ट में जो एनेस्थीसिया की संख्या कम है उसमें कुछ एनेस्थीसिया डॉक्टराें द्वारा दिये हो सकते हैं। हालांकि इसकी जानकारी ली जाएगी। - डॉ. सुबोध शर्मा, सर्जन और जेडी हेल्थ 
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आज तक दुनिया में कोई मेजर आपरेशन बिना एनेस्थीसिया के नहीं हुआ है। यह अनिवार्य है। गर्भवती सर्जरी हमेशा रीजनल एनेस्थीसिया में होती है इसमें लोकल भी नहीं दे सकते हैं। लेबर पेन में एनेस्थीसिया देते हैं लेकिन कभी- कभी इसमें भी एनेस्थेटिक बुलाना पड़ता है। हालांकि मेजर में कोई चांस नहीं। - डॉ. भारती सरन, स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ 
ट्यूबकटोमी और नार्मल डिलीवरी में दर्द होने पर लोकल एनेस्थीसिया डॉक्टराें द्वारा दिया जा सकता है लेकिन मेजर आपरेशन में एनेस्थेटिक ही होगा। हो सकता है कि रिपोर्ट को जल्दी में बनाने के चलते कोई गलती हो गई हो।- डॉ. दिग्विजय सिंह, एनेस्थेटिक, जिला अस्पताल 
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