हरप्रीत के केबिन में 15 बोतलें पिट्ठू बैग में थीं।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह चंडीगढ़ से खरीदी गई शराब को अपने गांव ले जाकर महंगे दामों पर बेचने वाले थे। होली के मौके पर शराब तस्करी से अच्छा मुनाफा कमाने की उनका योजना थी। इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
बिस्तर के नीचे छिपाई थीं बोतलें
कोच में अटेंडेंट के लिए एक छोटा सा केबिन बना होता है। इसी केबिन में यात्रियों के बेडरोल आदि रखे जाते हैं। दोनों आरोपियों ने उन बिस्तरों के नीचे ही प्लास्टिक का कट्टा व पिट्ठू बैग छिपाए थे, जिनमें शराब की बोतलें थीं। आरपीएफ कमांडेंट शानमुग वडिवेल ने बताया कि पूर्व सूचना का फायदा मिला। कार्रवाई के दौरान ट्रेन को ज्यादा देर तक रोकना भी नहीं पड़ा। दोनों को आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।
पंजाब से बिहार जाने वाली ट्रेनों में चेकिंग
शराब की तस्करी रोकने के लिए पंजाब से बिहार की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों में चेकिंग जा रही है। आरपीएफ और जीआरपी को चेकिंग के आदेश बीते दिनों दिए गए थे। अब दोनों संयुक्त रूप से चेकिंग कर रहे हैं। बरेली में अभी तक शराब बरामद नहीं हुई लेकिन मुरादाबाद में कोच अटेंडेट पकड़े जाने के बाद चेकिंग और तेज की गई है।