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Bareilly News: ताले में स्मार्ट क्लास... चटाई पर पढ़ाई

Tue, 16 Apr 2024 05:55 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। जिले के परिषदीय विद्यालयों को संवारने के लिए सरकार करोड़ों रुपये का बजट खर्च कर रही है। इससे विपरीत नगर क्षेत्र के विद्यालयों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। बच्चों को बैठाने के लिए बेंच और पढ़ने के लिए स्मार्ट क्लास की सुविधा ताले में बंद है। बच्चे चटाई पर बैठकर पढ़ रहे हैं। विद्यालय में लगे पंखे भी बच्चों तक हवा नहीं पहुंचा रहे हैं। साथ ही पीने के लिए पानी भी बच्चों को घर से ही लाना पड़ता है।
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अमर उजाला की टीम ने सोमवार को बीएसए कार्यालय के महज पांच किलोमीटर के दायरे में बने विद्यालयों की पड़ताल की। इसमें अव्यवस्थाओं का अंबार मिला। बच्चों के स्वास्थ्य को ताक पर रखते हुए गंदगी में मिड डे मील रखा था। वहीं, बच्चे भी जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते हुए दिखे। सबसे खराब स्थिति एनई रेलवे के विद्यालय की मिली। जहां बच्चों को साफ पानी और पंखे की हवा तक नसीब नहीं हो रही थी। शिक्षकों ने अव्यवस्था के पीछे एकल शिक्षक और चुनाव के दौरान होने वाले काम की बात कही।

बर्तनों पर जमी हुई थी धूल की परत, पूछने पर फेंकी सब्जी

प्राथमिक विद्यालय सूफी टोला में अपराह्न एक बजे विद्यालय में स्मार्ट कक्षाएं तो चल रहीं थीं, लेकिन मिड डे मील की स्थिति खराब थी। जर्जर भवन में मध्याह्न भोजन रखा गया था। जहां बच्चे जाते दिखे। पास में ही निर्माण होने से बर्तनों पर धूल की परत जमी हुई थी। पूछने पर कर्मचारी ने बाहर जाकर सब्जी सड़क किनारे फेंक दी। प्रधानाध्यापक ने कहा कि बच्चों को बाहर भोजन कराया जाता है।
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बाहर घूम रहे थे कुछ विद्यार्थी

कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय बारादरी में सोमवार दोपहर 12:24 बजे बच्चे विद्यालय के बाहर घूम रहे थे। कुछ विद्यार्थी कक्षा में बैठे हुए थे। बोर्ड पर विषय का नाम लिखा था। स्मार्ट कक्षा में ताला लटका हुआ था। इसको लेकर प्रधानाध्यापक ने कहा कि कायाकल्प के तहत कार्य हो रहा है। इसलिए इसे बंद कर रखा है।



बिजली की सुविधा से वंचित बच्चे

प्राथमिक विद्यालय एनई रेलवे में अपराह्न 1:15 बजे प्रधानाध्यापक के स्थान पर शिक्षिका बैठीं थी। बाहर आंगन में बिछी दरी पर छह बच्चे बैठे हुए थे। कक्षाओं में ताला लगा हुआ था। शिक्षिका ने बताया कि विद्यालय में पीने के पानी और बिजली की सुविधा नहीं है। इसलिए बच्चे बाहर बैठाए गए थे।
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छात्रहित में कार्य करना प्राथमिकता होनी चाहिए। विद्यालयों में अव्यवस्थाएं हो रहीं हैं तो इसे दिखवाया जाएगा। - संजय सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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