बरेली। गणतंत्र दिवस के मौके पर केंद्र सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट (सौ शहरों को स्मार्ट बनाना) पर देश भर में चयनित 98 शहरों को स्मार्ट बनाने पर सबकी नजरें हैं। अटकलें हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रथम चरण में स्मार्ट बनने वाले 20 शहरों के नामों की घोषणा कर सकते हैं। प्रथम चरण में अपने शहर के चयन को लेकर बरेली वासियों की धड़कने भी तेज हो गई हैं।
केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी मिशन योजना में देश भर से 98 शहरों को स्मार्ट शहर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना में यूपी से 12 शहर चयनित किए गए हैं। इनमें मुरादाबाद, अलीगढ़ और सहारनपुर के बाद बरेली चौथे नंबर पर है। कंसल्टेंट एजेंसी ने शहर के रामगंगा नगर इलाके में 4158 करोड़ की लागत से नया स्मार्ट शहर बनाने का प्रोजेक्ट तैयार किया था। राज्य सरकार से स्वीकृत होकर ये प्रोजेक्ट अब शहर के ग्रामीण विकास मंत्रालय में विचाराधीन है। ऑनलाइन पोल में शहर के 50 हजार मतदाताओं ने शहर को स्मार्ट बनाने के बारे में अपनी राय व्यक्त कर चुके हैं। कंसल्टेंट एजेंसी के मुताबिक प्रथम चरण में केंद्र सरकार देश भर से आए विभिन्न शहरों के प्रोजेक्ट में से 20 शहर चयनित कर उनको स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की घोषणा 26 जनवरी को कर सकती है। इनमें 2017 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश से चार या पांच शहर शामिल किए जाने के आसार हैं। यूपी के 12 शहरों के प्रोजेक्ट में अधिकांश ने रेट्रोफिटिंग, रिडेवलपमेंट के विकल्प शामिल किए हैं। बरेली ने ग्रीन फील्ड विकल्प चुनकर रामगंगा नगर में स्मार्ट शहर बसाने का विकल्प सुझाया है। बरेलीवासियों को प्रथम चरण में अपना शहर स्मार्ट सिटी मिशन में चयनित किए जाने की उम्मीद है।
‘आगरा और बरेली के प्रोजेक्ट काफी बेहतर हैं। विश्व पर्यटन स्थल होने की वजह से आगरा की दावेदारी काफी मजबूत है। बरेली के प्रोजेक्ट पर काफी मेहनत की गई है। ये शहर भी फर्स्ट फेज में ही आना चाहिए।’ करन अग्निहोत्री, तकनीकी अधिकारी, कंसल्टेंट एजेंसी
‘स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट अन्य शहरों से बेहतर बनाया गया है। उम्मीद है कि बरेली प्रथम चरण में 20 शहरों में ही चुना जाएगा।’ डा. आईएस तोमर, मेयर