Skulaen run off Haenge now transferred
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
अनाप शनाप संशोधन और तबादलों की वजह से कई स्कूल बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। शनिवार को बीएसए की ओर से दोबारा तबादलाें के लिए निर्देश जारी किए गए। उन्होंने शर्तें भी बताई हैं। आवेदन करने वाले शिक्षकाें को दो और पांच साल तक पिछड़े विकास क्षेत्रों में काम करना जरूरी होगा। इस बार तबादले डीएम की अध्यक्षता में बनी समिति के तहत हाेंगे।
शासन की ओर से सितंबर में जिलों के अंदर तबादलाें के आदेश आए थे, लेकिन पूर्व बीएसए की मनमानी के चलते इसे लागू नहीं किया गया, जिसके चलते कई स्कूलाें में एक शिक्षक, तो कई में एक भी शिक्षक नहीं बचे। पिछले दिनाें शिक्षकों ने बीएसए से मिलकर तबादलाें की प्रक्रिया शुरू करने का दबाव भी बनाया। इसके बाद बीएसए ने 31 दिसंबर से 7 जनवरी तक आवेदन मांगे हैं। शिक्षक दुष्यंत चौहान, हरेंद्र सिंह रानू, संजीव सिंह, सत्यम् गंगवार, सूरज सक्सेना व अन्य शिक्षकों ने मिलकर पिछले दिनाें बीएसए से इस संबंध में निर्देश जारी करने को कहा था।
ऐसे होंगे तबादले
एकल और स्कूल बंद होने की स्थिति में तबादले नहीं होंगे
किसी भी शिक्षक की संबद्धता नहीं की जाएगी
पुरुष शिक्षकाें का 5 साल पिछड़े ब्लाक में काम करना जरूरी
महिला शिक्षकाें का 2 साल पिछड़े ब्लाक में काम करना जरूरी
स्वीकृत से अधिक तैनात शिक्षकाें का तबादला खाली स्कूलों में होगा
समायोजन के बाद कोई भी स्कूल बंद नहीं होगा