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Bareilly News: नौकरी दिलाने का झांसा देकर छह लोगों से 30 लाख रुपये की ठगी, झारखंड का है मुख्य आरोपी

Thu, 10 Jul 2025 11:44 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में एक जालसाज ने छह लोगों से 30 लाख रुपये की ठगी कर ली। उन्हें सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। बातों में फंसाकर रकम ट्रांसफर करा ली। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बरेली में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर छह लोगों से 30.19 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर राजेंद्र नगर  निवासी अर्जुन पासवान की तहरीर पर प्रेमनगर थाने में झारखंड के धनबाद के पुटकी निवासी कुंदन कुमार सहित तीन लोगों के खिलाफ मंगलवार को मुकदमा दर्ज किया गया है।

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अर्जुन पासवान ने पुलिस को बताया कि लगभग छह माह पहले वह रेलवे नगर, इज्जतनगर में सुबह टहलने जाते थे। वहां उनकी मुलाकात कुंदन कुमार से हुई। कुंदन ने बताया कि वह अपने रिश्तेदार के यहां रहता है। बातचीत का सिलसिला बढ़ा तो दोनों की जान पहचान अच्छी तरह से हो गई। कुंदन ने उनसे कहा कि पटना सचिवालय और अन्य सरकारी विभागों में उसकी अच्छी जान-पहचान है। किसी की नौकरी लगवाना हो तो बताना।

जालसाज ने ऐसे फंसाया 
अर्जुन ने कहा कि वह कुंदन के झांसे में आकर इंटरमीडिएट पास अपने बेटे विराट की नौकरी के बारे में बात की। इस पर कुंदन ने कहा कि यदि और लोगों की भी नौकरी लगवानी हो तो एक बार में बताइए। इस पर वह कुंदन को बिहार शरीफ के बैगूबाग निवासी अपने मामा मोहन के पास ले गए। 
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कुंदन की बातों से उनके मामा मोहन भी प्रभावित हो गए। उन्होंने अपने बेटे सुमित नंदन, भाई राजीव कुमार, भतीजे समीर राज की नौकरी सचिवालय में लगवाने की बात कुंदन से की। इसके अलावा मुकेश कुमार, लव कुमार और दीपक पासवान की पोस्ट ऑफिस और मेघा कुमारी की महिला कांस्टेबल के पद पर नौकरी लगवाने की बात की।

20.1 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए 
कुंदन कुमार ने सभी की नौकरी लगवाने के लिए 47 लाख रुपये की मांग की। उन्होंने कुंदन और उसके दोस्त मनोज के खाते में 20.1 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। 10 लाख रुपये उसे नकद दिए गए। 

रजिस्टर्ड डाक से भिजवाया नियुक्ति पत्र, प्रशिक्षण भी दिलाया 
अर्जुन पासवान ने बताया कि कुंदन ने उनसे कहा कि आपके पुत्र की आयु अभी कम है। इसलिए उसकी नौकरी कुछ दिन बाद लगेगी। इसके बाद सचिवालय में सुमित व समीर को चपरासी, राजीव को क्लर्क और मुकेश व दीपक को पोस्ट ऑफिस में चपरासी और मेघा को महिला कांस्टेबल की ट्रेनिंग के लिए पत्र रजिस्टर्ड डाक से भिजवाया। 
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कुंदन के दोस्त गौरव के कहने पर सुमित, राजीव व समीर ने सचिवालय और मुकेश, लव व दीपक ने पोस्ट ऑफिस में प्रशिक्षण लिया। मेघा ने धनबाद पुलिस लाइन जाकर प्रशिक्षण लिया। इसके बाद सभी से कहा गया कि आप लोग घर जाएं, आपके घर के पते पर नियुक्ति पत्र आएगा। लगभग 15 दिन बीत जाने के बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं आया तो उन्होंने कुंदन से संपर्क किया। कुछ दिन तक तो वह टालमटोल करता रहा। 

इसके बाद उसने अपना मोबाइल ही बंद कर दिया। उधर, इस संबंध में प्रेमनगर थानाध्यक्ष ने बताया कि बातचीत में प्रयुक्त मोबाइल नंबर और पैसे के लेनदेन के लिए इस्तेमाल किए गए बैंक अकाउंट्स की मदद से मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
 
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