बरेली। जिम्मेदारियों से बेखबर और दिशानिर्देश का अनुपालन न कर रही छह आशा कार्यकर्ताओं की संविदा समाप्त कर दी गई है। साथ ही, चार और चिन्हित आशा कार्यकर्ता पर कार्रवाई की तैयारी है। डीएम रविंद्र कुमार ने सीएमओ से निजी अस्पताल में प्रसव पर परिजन से वजह जानने के लिए कहा। ताकि आशा कार्यकर्ताओं की सक्रियता समेत सरकारी अस्पतालों में प्रसव संबंधी क्या अड़चन रही, इसका पता चलने पर जरूरी सुधार कराए जा सकें।
बुधवार को विकास भवन में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम ने प्रसव बढ़ाने के लिए की जा रही कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट मांगी है। आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीकृत गर्भवती को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा में बताया गया कि इस बार ज्यादातर लाभार्थियों का भुगतान हो चुका है। कुछ से संपर्क नहीं हो रहा। तो कुछ ने कहा है कि उन्हें नहीं चाहिए। डीएम ने जो बचे हुए लाभार्थी हैं, उन्हें जल्द भुगतान के निर्देश दिए। इसकी निगरानी अब आईसीडीएस करेगा।
दो और प्रसव केंद्र बढ़े, बिथरी में बिजली की अड़चन
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि जिले में दस नए प्रसव केंद्र बनने हैं। इनमें से दो पर प्रसव शुरू हो गया है। बिथरी चैनपुर में बिजली कनेक्शन की अड़चन है। दूसरी ओर टीबी उन्मूलन संबंधी समीक्षा के दौरान जिन लोगों में टीबी की पुष्टि हुई है उन्हें पहली किस्त जारी कर उससे पोषाहार के सेवन के लिए प्रेरित किए जाने के निर्देश दिए गए। फाइलेरिया के लिहाज से ब्लॉक क्यारा, भमौरा, बिथरी चैनपुर संवेदनशील हैं। 10 से 25 फरवरी तक यहां अभियान चलाकर फाइलेरिया की दवा खिलाएंगे। अमर उजाला ब्यूरो