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Bareilly News: छह सौ लोग टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी से दूर, खोज रहे जिम्मेदार

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बरेली। टीबी उन्मूलन अभियान के बीच मरीजों के संपर्क में रहे लोगों की जांच और निगरानी व्यवस्था में गैप सामने आया है। अगस्त तक की विभागीय रिपोर्ट के तहत पल्मोनरी डीएस-टीबी मरीजों के 12,489 संपर्कों में से करीब छह सौ को टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (टीपीटी) नहीं मिली। इनकी तलाश जारी है।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. इंतजार हुसैन ने बताया कि टीबी मरीज के घर और करीबी संपर्कों की पहचान बेहद अहम होती है, क्योंकि संपर्कों की समय पर जांच और जरूरत के अनुसार निवारक दवा से बीमारी के फैलाव और भविष्य में सक्रिय टीबी के जोखिम को कम किया जा सकता है। राष्ट्रीय डिफरेंशिएटेड टीबी केयर गाइडलाइन का उद्देश्य गंभीर और अधिक जोखिम वाले मरीजों की पहचान कर इलाज, रेफरल कराना है। बताया कि वर्तमान में 11 हजार से ज्यादा संपर्क में रहे लोगों को प्रिवेंटिव टीबी ट्रीटमेंट कराया जा सका। अन्य काे भी जल्द टीपीटी मिलेगी।
टीपीटी में बिथरी चैनपुर में 69 फीसदी, फतेहगंज पश्चिमी में 77 फीसदी, जगतपुर में 81 फीसदी, शीशगढ़ में 89 फीसदी लक्ष्य पूरा हो सका। इसके अलावा बहेड़ी, नवाबगंज, आंवला में 85 फीसदी तक, फरीदपुर, बड़ा गांव, मझगवां, पीर बहोड़ा, सेंथल में 100 फीसदी लक्ष्य पूरा हुआ।
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डिफरेंशिएटेड टीबी केयर में भी कई ब्लॉक पीछे
डिफरेंशिएटेड टीबी केयर में जिले की उपलब्धि करीब 70 फीसदी रही। बहेड़ी में 75 फीसदी, बिथरी चैनपुर में 78 फीसदी, शीशगढ़ में 81 फीसदी मरीजों तक यह सुविधा पहुंची। नवाबगंज और दलेलनगर में 92 फीसदी, पीर बहोड़ा, डीटीसी, यूपीएचसी नदौसी, मेंटल हॉस्पिटल, बड़ा गांव, कुआंडांडा, भमोरा, रामनगर, जगतपुर, मोहनपुर, करेली, फरीदपुर, मीरगंज, भोजीपुरा, जिला अस्पताल, मझगवां, फतेहगंज पश्चिमी, मुड़िया नबी बख्श, आंवला और शेरगढ़ में सौ फीसदी कवरेज मिली।
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