बरेली। ठगी के आरोपी कन्हैया गुलाटी और उसके गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए गठित एसआईटी अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर सकी। निवेशकों की नाराजगी और करोड़ों के फर्जीवाड़े को देखते हुए इन मामलों में आर्थिक अपराध शाखा से जांच कराने की संस्तुति अधिकारियों ने कर दी है। डीआईजी के यहां से पत्रावली शासन को भेज दी गई है, इसका आदेश जल्दी जारी हो सकता है।
कैनविज कंपनी के मालिक कन्हैया गुलाटी और उसके परिवार ने गुर्गों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी कर ली। पीड़ित निवेशकों की संख्या हजारों में है। गुलाटी की गिरफ्तारी और रकम वापसी का रास्ता न बनने से निवेशकों में आक्रोश है।
ऐसे में डीआईजी अजय कुमार साहनी ने शासन से मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा से कराने की संस्तुति कर दी है। शासन से निर्देश मिलते ही आर्थिक अपराध शाखा बरेली पुलिस से संबंधित रिकॉर्ड लेकर गुलाटी और उसकी कंपनी की पड़ताल शुरू कर देगी।
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वर्जन
थानों की पुलिस ज्यादा बड़ी धनराशि के मामलों की विवेचना करने के लिए प्रशिक्षित नहीं होती है। इसलिए निवेशकों को राहत दिलाने और भविष्य में गुलाटी गिरोह पर बड़ी कार्रवाई कराने के लिए यह कदम जरूरी था। शासन से आदेश होते ही विवेचना सौंप दी जाएगी। - अजय साहनी, डीआईजी बरेली रेंज
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एक हजार से अधिक पीड़ितों ने गुलाटी गिरोह पर दर्ज कराईं 65 रिपोर्ट
एक हजार से अधिक पीड़ित निवेशकों ने कैनविज कंपनी के मालिक कन्हैया गुलाटी, उसके परिवारवालों व गुर्गों के खिलाफ 65 रिपोर्ट दर्ज कराई हैं। रिपोर्ट दर्ज होती रहीं और उनकी विवेचना एसआईटी को मिलती रही लेकिन कोई बड़ी कार्रवाई देखने को नहीं मिली। कन्हैया गुलाटी ने अपनी कंपनी कैनविज में लोगों से धन दोगुना करने का झांसा देकर बड़े पैमाने पर निवेश कराया। जब बड़ी रकम एकत्र कर ली तो जिले के बाहर और विदेशों में निवेश कर दिया। आर्थिक अपराध शाखा को जांच मिलने के बाद विदेश में किए गए निवेश के बारे में भी जानकारी सामने आ सकेगी। गुलाटी ने अपने जिन रिश्तेदारों के नाम से संपत्ति में निवेश किया है, उन पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है।