बरेली के जिला अस्पताल में एंबुलेंस और स्ट्रेचर न मिलने पर ठेले से मरीज को ले जाने के मामले में दो कर्मचारियों को गाज गिरी है। इस मामले में वार्ड बॉय और वार्ड सहायक को इमरजेंसी ड्यूटी से हटाकर अन्य जगह संबद्ध कर दिया गया है।
बरेली के जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर एक बुजुर्ग महिला मरीज को ठेले पर ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है। इस मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही बरतने के आरोप में इमरजेंसी वार्ड में तैनात वार्ड बॉय और वार्ड सहायक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इससे पहले ड्यूटी पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड को भी हटाया जा चुका है। शासन और प्रशासन दोनों स्तरों पर इस घटना की सघन जांच की जा रही है।
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मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. विश्राम सिंह और एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने सीएमओ कार्यालय में मरीज के इलाज से जुड़े दस्तावेजों और फाइलों का निरीक्षण किया। जांच कमेटी ने एडीएसआईसी डॉ. आरसी दीक्षित और डॉ. एलके सक्सेना से मरीज के भर्ती होने और उसे दिए गए उपचार के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। शुरुआती जांच में यह पाया गया कि इमरजेंसी स्टाफ ने मरीज को एम्बुलेंस या स्ट्रेचर उपलब्ध कराने में संवेदनशीलता नहीं दिखाई, जिसके चलते उसके पति को ठेले का सहारा लेना पड़ा।
जांच के बाद अन्य दोषियों पर भी गिर सकती है गाज
एडीएसआईसी डॉ. आरसी दीक्षित ने बताया कि अनुशासनहीनता और लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वार्ड बॉय और वार्ड सहायक को इमरजेंसी ड्यूटी से हटाकर अन्य जगह संबद्ध कर दिया गया है। गौरतलब है कि जिलाधिकारी की ओर से गठित तीन सदस्यीय कमेटी के साथ-साथ एडी हेल्थ डॉ. तेजपाल भी इस प्रकरण की जांच कर रहे हैं। जांच टीम जल्द ही अपनी अंतिम रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी, जिसके आधार पर संबंधित दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।