चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी 28 अक्तूबर को छात्रा से दुष्कर्म मामले की रिपोर्ट शपथपत्र के साथ हाईकोर्ट में पेश करेगी। इन दिनों एसआईटी इसकी तैयारी में जुटी है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट की निगरानी में एसआईटी चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण की जांच कर रही है। एसआईटी ने अपनी दूसरी जांच रिपोर्ट 22 अक्तूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट को सौंपी थी। इस पर छात्रा के वकील ने हाईकोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में कहा था कि दिल्ली के लोदी कॉलोनी थाने में चिन्मयानंद के खिलाफ छात्रा ने दुष्कर्म की तहरीर दी थी, लेकिन उस पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
इसके जवाब में एसआईटी में शामिल एसपी अतुल श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट को बताया था कि छात्रा की ओर से दिल्ली के लोदी कॉलोनी थाने में दिया गया प्रार्थना पत्र विवेचना में शामिल कर लिया गया है। इसकेे अलावा छात्रा के पिता की ओर से 27 अगस्त को यहां चौक कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में भी दुष्कर्म का आरोप लगाया गया है। एक ही मामले की दो रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकती।
इस पर हाईकोर्ट ने छात्रा के प्रार्थना पत्र को निरस्त करते हुए एसआईटी अफसर को निर्देश दिए थे कि वह जो बात हाईकोर्ट को बता रहे हैं, उसे शपथपत्र के साथ कोर्ट में पेश किया जाए। उसी के अनुपालन में एसआईटी शपथपत्र के साथ कोर्ट के लिए पत्रावली तैयार कर रही है।
चिन्मयानंद के वकील का मोबाइल लौटाने को लेकर 30 को होगी बहस
चिन्मयानंद के वकील का मोबाइल लौटाने को लेकर कोर्ट में 30 अक्तूबर को बहस होगी। कोर्ट ने यह तारीख एसआईटी की रिपोर्ट मिलने के बाद तय की। गौरतलब है कि चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह का मोबाइल एसआईटी के कब्जे में है। अपना मोबाइल वापस लेने के लिए ओम सिंह ने तीन दिन पहले सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर कोर्ट ने संबंधित थाने से रिपोर्ट मांगी थी।
इसी संदर्भ में मामले की विवेचना कर रही एसआईटी में शामिल विवेचक दलबीर सिंह ने शुक्रवार को कोर्ट को रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में कहा गया कि मोबाइल में इस प्रकरण से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं, जिससे यह मोबाइल माल मुकदमाती है। इस रिपोर्ट के बाद सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/फास्ट ट्रैक कोर्ट दिनेश कुमार गौतम ने मामले की सुनवाई 30 अक्तूबर तय की है।