दूसरों के नाम बताकर फंसाया
सीओ प्रथम ने बताया कि पुलिस ने रविवार रात ऋषभ से पूछताछ की तो उसने अपने दोस्त आकाश का नाम बताया। उसके मोबाइल से जो रकम गई थी, वह कन्हैया नाम की आईडी पर गई थी। पुलिस ने संदेह के आधार पर कैंट से आकाश और कन्हैया को हिरासत में ले लिया। इन दोनों ने खुद को बेगुनाह बताया।
पुलिस ने जांच की तो जिस आकाश का नंबर बताकर कॉल आने का दावा ऋषभ ने किया था, उसकी आईडी सिविल लाइंस निवासी युवक निकली। जिस आईडी पर रुपये गए, वह इंदौर से संचालित हो रही थी। पुलिस ने सोमवार को आकाश व कन्हैया को इस शर्त पर छोड़ दिया कि जांच पूरी होने तक वे शहर नहीं छोड़ेंगे। आरोपी ऋषभ को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
आरोपी पर दो नई रिपोर्ट दर्ज
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि ऋषभ पर कैंट थाने में ही दो नई रिपोर्ट लिखी गई हैं। एक मामला वसूली व मारपीट का तो दूसरा जिला बदर होने के बाद भी कैंट थाना क्षेत्र की सीमा में अपराध करने का है। वह कई नाम बता रहा है, लेकिन अब नंबरों की सीडीआर व जिस खाते में रुपये ट्रांसफर कराए गए हैं, उसकी डिटेल के बाद ही सही आरोपी को चिह्नित कर गिरफ्तारी की जाएगी। थाने बुलाए दोनों लड़कों को फिलहाल घर भेज दिया है।