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भाभी जी ने बता दिए पुलिस में मददगारों के नाम.. अब सबकुछ साहब के हाथ में

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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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लेडी सट्टेबाज की गिरफ्तारी के बाद से तमाम पुलिस वालों में बेचैनी का माहौल
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मोबाइल ने भी बताया पुलिस में नेटवर्क, सवा किलो गांजा बरामद कर जेल भेजा

बरेली। भाभी जी के नाम से जानी जाने वाली सट्टेबाज राबिया ने गिरफ्तारी के बाद अफसरों के सामने उन पुलिस वालों के नाम खोलने में जरा भी देर नहीं लगाई जो उसके सट्टे के खेल में उसके मददगार थे। तमाम नाम उसके मोबाइल की फोन डायरी में भी मिले। शनिवार रात ही राबिया की गिरफ्तारी के साथ पुलिस वालों में जिस तरह बेचैनी दिखनी शुरू हुई, उससे भी साफ हुआ कि पुलिस में भी उसका नेटवर्क काफी मजबूत था। सीओ अभिषेक वर्मा ने राबिया से लंबी पूछताछ की। रविवार को उसे जेल भेज दिया गया। उसके साथियों की तलाश जारी है।
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शहर की चर्चित महिला सट्टेबाज राबिया अख्तर पुलिस और क्राइम ब्रांच में अपनी साठगांठ की वजह से पहले से चर्चा में थी। छह जून को उसके गुर्गों ने जब कटरा चांद खां में सरेशाम 30 राउंड फायरिंग करने के साथ सचिन नाम के एक युवक की भी जान ले ली तो अधिकारियों ने उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया। शनिवार दोपहर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद उसे थाने लाकर पूछताछ करने के साथ उसका मोबाइल भी चेक किया गया। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान राबिया ने अपने नेटवर्क का तो खुलासा किया ही, उन तमाम पुलिस वालों के नाम भी अफसरों को बताए जो उससे पैसा लेकर उसकी मदद करते थे। पुलिस ने उसके पास से सवा किला गांजे की भी बरामदगी दिखाई। रविवार को उसे जेल भेज दिया गया। राबिया के खिलाफ थाना बारादरी में सट्टे और जानलेवा हमले के मामले पहले से दर्ज हैं। हरूनगला में पकड़े गए सट्टे में भी वह वांछित थी।

पुलिस चौकी से थाने लाते-लाते मोबाइल से उड़ा दिए कई नाम

राबिया अख्तर को रुहेलखंड पुलिस चौकी पर हिरासत में लिया गया था। सूत्रों के मुताबिक उसे लेने पुलिस चौकी पहुंचे पुलिस वालों ने थाने पहुंचने तक उसके मोबाइल से कई नाम और साक्ष्य उड़ा दिए। इनमें कई पुलिस वालों के मोबाइल नंबर के साथ राबिया के नेटवर्क से जुड़ी जानकारी भी शामिल थी। थाना बारादरी के एक सिपाही का नाम मोबाइल की फोन बुक से डिलीट किया जाना पुलिस वालों के बीच भी चर्चा में रहा।

सिपाहियों की शिकायतें सिपाहियों के खिलाफ सटोरियों के जरिये पहुंचती थीं अफसरों तक

राबिया की गिरफ्तारी के बाद उसके मोबाइल की जांच की गई तो उसमें कुछ सिपाहियों के भेजे शिकायत पत्र भी मिले जो महकमे के ही दूसरे सिपाहियों के खिलाफ फर्जी नामों से लिखे गए थे। पूछताछ में पता चला कि राबिया के नेटवर्क से जुड़े सिपाही उन पुलिस वालों के खिलाफ ये शिकायतें कराते थे जो सट्टे के इस खेल में रोड़ा पहुंचाते थे या फिर जबरन नेटवर्क का हिस्सा बनने की कोशिश करते थे।
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