फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: सिरौली थाने के दरोगा पर ऑनलाइन रिश्वत लेने का आरोप, सोशल मीडिया पर स्लिप वायरल

Fri, 17 Oct 2025 08:33 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

बरेली के सिरौली थाने के एक और दरोगा पर ऑनलाइन रिश्वत लेने का आरोप लगा है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए 20 हजार की रकम की स्लिप को भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। अब ये वायरल हो रही है। वहीं, पुलिस पुराना मामला बताकर नकार रही है।

विज्ञापन


सिरौली निवासी अविनाश मौर्य उर्फ पूसा ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की शिकायत में बताया कि उनका भाई से विवाद चल रहा था। इसका निपटारा करने के बदले कस्बा इंचार्ज रहे दरोगा ने उससे दो बार में 10-10 हजार रुपये ऑनलाइन खाते में ट्रांसफर कराए। विवाद अब भी बना हुआ है। अविनाश मौर्य का आरोप है कि उनसे दरोगा ने दोबारा 10 हजार रुपये मांगे।

दरोगा ने कह दिया कि दीपावली का मौका है और गिफ्ट ऊपर तक पहुंचाने हैं। इंतजाम न किया तो जेल चले जाओगे। अविनाश ने रसीद को सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया। उनके अनुसार बृहस्पतिवार शाम तक दरोगा समझौते के प्रयास करते रहे, लेकिन अविनाश उन्हें नहीं मिले। 

विज्ञापन

चार माह पहले लग चुके हैं दूसरे दरोगा पर आरोप
चार माह पूर्व हरदासपुर रोड स्थित होटल से 50 हजार और सीसी कैमरे की डीवीआर निकाल ले जाने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद सिरौली थाने के एक और दरोगा पर कार्रवाई न करने के बदले 15 हजार दिलवाने की शिकायत मंत्री और अधिकारियों से हुई है। यह मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा है, अब कस्बा इंचार्ज द्वारा ऑनलाइन रिश्वत का मामला सामने आ गया।

आरोपी दरोगा ने बताया कि मेरी पत्नी पैरालिसिस की मरीज है। पिछले साल मुझे रुपये की जरूरत हुई थी। उस समय मैंने कई दोस्तों से रुपये लिए थे। यह रुपये भी उसी समय लिए गए थे। जांच हो तो पूरा मामला साफ हो जाएगा। 
विज्ञापन

एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि मामला लगभग डेढ़ साल पुराना है, अब पुलिस पर आरोप लगाया जा रहा है। जो आरोप लगा रहा है उसका इस रकम से कोई मतलब नहीं है। दरोगा के खाते में रुपये जिस नन्हे नाम के व्यक्ति ने डाले हैं, वह लिख कर दे गया है कि मुझे कोई शिकायत नहीं है। ऐसा लगता है कि कुछ लोग ऐसे आरोप लगाकर पुलिस पर गलत काम कराने का दबाव बनाना चाहते हैं। जांच में स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें