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साहब! होली पर एक-एक पकवान की जांच कराएं या किचन चलाएं

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मिलावट खोरों के खिलाफ महिलाओं ने किया एफएसडीए के अधिकारियों का घेराव। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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गुस्साई महिलाओं ने एफएसडीए अधिकारी का किया घेराव, कहा- मिलावटखोरी नहीं रुकी तो दोबारा आकर मांगेंगे जवाब

बरेली। हर चीज में मिलावट का डर, नौबत यह है कि यह समझ में ही नहीं आता कि क्या खाएं और क्या छोड़ें। मार्केट से आई कोई भी चीज बच्चों को खिलाते हुए दिल दहलता है लेकिन मजबूरी यह है कि उन्हें कुछ भी खाने से रोकें भी कैसे। सिस्टम के दम पर मिलावटखोरी की हद पार होते देख अब व्यापारियों की ओर से ही इसका विरोध शुरू हो गया है। सोमवार को पश्चिमी उप्र उद्योग व्यापार मंडल की अगुवाई में कलक्ट्रेट पहुंची तमाम महिलाओं ने एफएसडीए अफसरों को घेर लिया। सवाल किया कि शहर में जिस तरह मिलावटखोरी बढ़ रही है, वे होली पर एक-एक पकवान की जांच कराएं या अपना किचन चलाएं’। चेतावनी दी कि अगर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा कलक्ट्रेट आकर इसका जवाब लेंगी।
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पश्चिमी उप्र उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष रामकृष्ण शुक्ला के साथ कलक्ट्रेट पहुंची महिलाओं ने जिला अभिहित अधिकारी धर्मराज मिश्रा से कहा कि पूरा जिला मिलावट से बेहाल है। होली पर तो हद ही हो गई है। पनीर, खोया, दूध, नमकीन, मिठाई, कचरी, मसाले, खाद्य तेल, हल्दी और मिर्च पाउडर जैसी तमाम चीजों में मिलावट हो रही है। बड़ी कंपनियाें से रिजेक्ट नमकीन को पशुआहार के तौर पर खरीदकर नमकीन बनाने के बाद नए पैक में बाजार में उतार दिया गया लेकिन एफएसडीए खामोश बैठा है। मुनाफाखोर बच्चों की टाफियाें तक में मिलावट कर रहे हैं।
महिलाओं ने एफएसडीए अफसरों को जमकर खरीखोटी सुनाई। फिर पूछा कि आखिर यह खेल कब रुकेगा क्योंकि यह साफ है कि गली-मोहल्लों से लेकर देहात तक फैले मिलावट का खेल उन्हीं के विभाग के सहयोग से चल रहा है। आरोप लगाया कि बाजार में रोज बड़े पैमाने पर मिलावटी खोया आ रहा है लेकिन अब तक एक सैंपल नहीं लिया गया है। संगठन ने ज्ञापन सौंपकर मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। महिलाओं में कंचन मिश्रा, उपासना पाठक, राशि पाराशरी, इमालदा परवीन, विष्णु शुक्ला, रुचि कपूर आदि शामिल थीं।

एफएसडीए की कार्रवाई पर फिर उठे सवाल

एफएसडीए ने सोमवार को भी छापे जारी रखे। पीलीभीत बाईपास पर बड़े ब्रांडों के शोरूम और कारखानों को छोड़कर टीम ने सिर्फ श्यामलाल विशंभर नाथ प्रतिष्ठान से स्टारबक कॉफी, कट रोल. और बरफी समेत तीन नमूने भरे। इसी रोड पर एक ब्रांड के शोरूम और कारखाने का मोतीचूर लड्ड़ और बेसन की मिठाई फेल हो चुकी हैं, कोर्ट ने उस पर भारी जुर्माना भी लगाया था मगर टीम उधर नहीं पहुंची। रामा-श्यामा और प्रकाश घी के नमूने लिए गए लेकिन टीम ने खोया बाजार भी नहीं गई।
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