बरेली। रक्षाबंधन पर यह पहला मौका था जब रोडवेज बसें में सवारियाें का इंतजार करती दिखीं। मुफ्त यात्रा की सुविधा के बावजूद पिछले सालों के मुकाबले आधे यात्री भी बसों को नहीं मिले। दोपहर में ही बस स्टेशनों पर सन्नाटा पसर गया।
ज्यादातर बहनें भाइयों को राखी बांधने सार्वजनिक वाहनों के बजाय निजी वाहनों से ही निकलीं। सुबह से हर रूट की बसें प्लेटफार्म पर खड़ी रहीं मगर सवारियां नहीं मिलीं। दस बजे के बाद कुछ सवरियां निकलीं लेकिन दो बजे के बाद सन्नाटा छा गया। रोडवेज स्टाफ के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले इस बार 40 प्रतिशत भी सवारियां नहीं निकलीं। एआरएम चीनी प्रसाद ने बताया कि व्यवस्थाएं तो पूरी थीं, लेकिन अपेक्षा के अनुरूप सवारियां नहीं मिलीं।