भारत भ्रमण पर बरेली आए आईएएस अधिकारी सिक्किम को बेहतर राज्य मानते हैं। उनका तर्क है कि वहां के मुख्यमंत्री जनता से सीधे संवाद करते हैं, कोई भी मामला हो तो जनता भी उनसे सीधा संवाद करती है। एक दूसरे के बीच संवाद में कोई भी तरह का तंत्र आड़े नहीं आता है। हालांकि सिक्किम राज्य छोटा है, वहां की आबादी कम जरूर है लेकिन सिस्टम बेहतर है। वहां का सा सिस्टम बड़ी आबादी वाले प्रदेश में लागू हो जाए तो काफी हद तक अव्यवस्थाएं सुधर सकती है
वर्ष 2016 के आईएएस अधिकारियों को केंद्र सरकार ने भारत भ्रमण पर भेजा है। 18 सदस्यीय अधिकारियों का यह दल कर बरेली आया था। उन्होंने वायुसेना और थल सेना परिसर में 24 घंटे बिताए, उसके बाद अफसरों की टीम ने कलक्ट्रेट में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को देखा। इस दौरान डीएम ने उनको यूपी का प्रशासनिक ढांचा और कार्यप्रणाली समझाई। इन अफसरों की नजर कार्यप्रणाली को लेकर यूपी की छवि अच्छी नहीं थी लेकिन जब डीएम सुरेंद्र सिंह ने उनको डायल -100, एम्बुलेंस सेवा, राजस्व, जन शिकायत निस्तारण के आन लाइन सिस्टम, आन लाइन प्रमाणपत्र, आन लाइन मैरिज रजिस्ट्रेशन आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी तो उन्हें यूपी की हकीकत का पता चला। उसी समय आईएएस अफसरों की टीम ने कहा कि ऐसा एडवांस सिस्टम अन्य राज्यों में देखने को नहीं मिला। अब तक इन अफसरों की टीम, सिक्कम, आसाम, मध्यप्रदेश सहित आठ राज्यों का भ्रमण कर चुकी है।
बरेली को अच्छा शहर बताया। साथ में यह भी कहा कि बरेली पहाड़ का एंट्री प्वाइंट है। अन्य शहरों की तुलना में बरेली में स्वच्छ माहौल है। थल सेना का यूबी एरिया और वायु सेना का त्रिशूल एयरबेस महत्वपूर्ण है। आईवीआरआई, पूर्वोत्तर रेवले का डीआरएम सेंटर से बरेली की पहचान है।
टीम में शामिल अफसर
सुश्री गंधर्व राठौर, सुश्री आकृति सागर, वंदना पोखरियाल, प्रविन्या पी, मेघा भारद्वाज, दीना देवी, श्रीकांथ एचएस, विपिन गर्ग, अभिषेक पांडे, विनय कुमार, लंसेह, विशाल कुमार, सौरभ गहरवार, शेख अंसार अहमद, रवि प्रकाश, बशरत कामी, वैभव चौधरी, ज्ञानेंद्र गंगवार, जतिन लाल ।