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Bareilly News: बीमार बना रहा मौसम, ओपीडी में 30 फीसदी डिहाइड्रेशन के मरीज

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बरेली। गर्मी और असमान तापमान से लोग डिहाइड्रेशन की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोज 30 फीसदी मरीज डिहाइड्रेशन के पहुंच रहे हैं। डिहाइड्रेशन के मरीजों को डॉक्टर ने पानी के बजाय फलों का जूस, ओआरएस घोल देने का सुझाव दिया है ताकि पौष्टिक तत्वों की कमी दूर हो सके।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राहुल बाजपेई के मुताबिक डिहाइड्रेशन तब होता है जब हम जितना तरल पदार्थ लेते हैं, उससे अधिक शरीर से बाहर निकल जाता है। शरीर में पानी की मात्रा सामान्य से कम होने पर खनिजों (नमक और चीनी) का संतुलन बिगड़ जाता है, जो तकलीफ की वजह बनता है। कहा कि मनुष्य के शरीर में दो तिहाई से ज्यादा पानी की जरूरत होती है। यह जोड़ों और आंखों की चिकनाहट, भोजन के पाचन में सहायता करने के साथ ही, अपशिष्ट और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखता है।
अस्पताल के बच्चा वार्ड में डिहाइड्रेशन की चपेट में आए 18 बच्चे भर्ती हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि खन्ना के मुताबिक डिहाइड्रेशन का समय पर इलाज न हो तो दौरा, मानसिक समस्या समेत जान का खतरा भी बना रहता है। डिहाइड्रेशन में पानी पिलाने से शरीर में खनिज कम होने से स्थिति बिगड़ सकती है।
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डिहाइड्रेशन के लक्षण
प्यास लगना और चक्कर आना, सामान्य से कम और तेज गंध के साथ गहरे रंग का पेशाब होना, बच्चों में पानी जैसा मल होना, पेट में ऐंठन, उल्टी, बुखार, भूख कम लगना आदि लक्षण होते हैं। यही समस्या बुजुर्ग के साथ भी होती है। बुजुर्गों के शरीर में पानी की कमी का पता देर से चलता है। इसलिए उन्हें नियमित आठ से दस गिलास पानी पीना चाहिए। लंबे समय से अस्वस्थ व्यक्ति, मधुमेह रोगियों, शराब का सेवन करने वालों के डिहाइड्रेशन की चपेट में आने की संभावना ज्यादा होती है।


बचाव के उपाय
- नींबू, पानी, सौंफ का शरबत, नारियल पानी, शिकंजी या अन्य पौष्टिक पेय पदार्थों का सेवन करें।

- केला, तरबूज, खरबूज, खीरा, पपीता, संतरे आदि फलों का सेवन करें।
- प्रतिदिन दही या छाछ का सेवन करें। धूप में घर से निकलने और आने पर ओआरएस घोल पीयें।
- बगैर डॉक्टर की सलाह के घरेलू नुस्खे न आजमाएं। देरी से तकलीफ बढ़ने की संभावना होती है।

बादल मंडराने से मिली राहत, चार डिग्री लुढ़का पारा

फोटो
बरेली। पहाड़ों की हवा के साथ शहर में प्रवेश कर रहे बादल ने तपिश से बेहाल लोगों को काफी राहत पहुंचाई। हालांकि, घने बादल मंडराने से बारिश की उम्मीद लगाए शहरवासियों को निराश होना पड़ा। मौसम विभाग ने सप्ताहभर तक हल्के बादल मंडराने और अनुकूल माहौल बनने पर बारिश की संभावना जताई है।रविवार सुबह धूप निकली, लेकिन बादल मंडराने से वह बेअसर रही। हवा में नमी भी 60 फीसदी तक दर्ज की गई। दिन भर सूरज और बादल के बीच आंखमिचौली का खेल जारी रहा। अधिकतम तापमान चार डिग्री गिरावट के बाद सामान्य से छह डिग्री कम 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आंचलिक मौसम अनुसंधान केंद्र के अनुसार शनिवार शाम निम्न वायुदाब का क्षेत्र बनने से शहर में बादल मंडराने लगे थे। भोर में बूंदाबांदी भी हुई। तापमान तीन डिग्री गिरावट के बाद सामान्य से पांच डिग्री कम 17.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी 62 फीसदी और गति चार किमी. प्रति घंटे रही। ब्यूरो
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अधिकतम : 32.4

न्यूनतम : 17.7
पूर्वानुमान : दिन भर धूप रहेगी। हल्के बादल भी मंडराएंगे।

सूर्योदय : 5:40 बजे
सूर्यास्त : 6:42 बजे
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