रविवार की शाम पौन छह बजे सीबीगंज थाने में डीएम को देखकर एसओ और वहां का स्टाफ हतप्रभ रह गया। वह मालखाने पहुंच गए, वहां रखे शस्त्र और आंसू गैस के गोलों को देखा तो वह दंग रह गए। आंसू गैस के सभी गोले पिछले साल सितंबर में बेदम हो गए थे। उसके बाद से नए गोले नहीं मंगाए गए। असलाह भी जंग खा रहे थे, इनमें थाने की रायफलें और लोगों की ओर जमा कराए गए शस्त्र शामिल हैं।
डीएम पंकज यादव करीब बीस मिनट तक मालखाना में रखे माल को चेक करने के बाद कार्यालय पहुंचे। वहां फस्ट एड बाक्स को देखा तो उसमें धूल जमी हुई थी। उसमें रखी दवाएं दो साल पहले एक्सपायर हो चुकीं थीं। डीएम बोले, दो साल से इस फस्ट एड बाक्स को देखा ही नहीं गया है। कार्यालय के अभिलेखों में सांप्रदायिक घटना, त्योहार, असलाह आदि रजिस्टर अधूरे थे। इन सभी को समय से पूरा कराने के निर्देश थाना प्रभारी राकेश सिंह को दिए।
थाने की छत खपरैल की होने के कारण बारिश में टपकन होती है। एसओ ने बताया कि यहां के भवन को परसाखेड़ा में शिफ्ट कराने को परसाखेड़ा में जमीन मुहैया कराई गई है। निर्माण कोे धन का इंतजार हैं। कंडम और पुराने वाहनों को निस्तारित करने के निर्देश दिए।
निजी आयोजनों से बच रहे हैं डीएम
बरेली। डीएम निजी आयोजनों से बच रहे हैं। शहर के विभिन्न संगठनोें के पदाधिकारी शिष्टाचार भेंट के साथ-साथ अपने यहां के आयोजनों में मुख्य अतिथि के रुप में बुलाने का आमंत्रण भी दे रहे हैं। ऐसे कई आयोजक उनके पास पहुंचे, उन सभी को डीएम ने संकेतों में कह दिया कि वह फिलहाल किसी भी आयोजन में नहीं जा रहे हैं।