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लॉकडाउन शुरू होते ही श्यामगंज को बना दिया नकली का बाजार

सार

खारी बावली से लाते थे ब्रांडेड कंपनियों की पैकिंग, बरेली में अलग-अलग ठिकानों पर होता था घटिया माल पैक
 
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पकड़ा गया गुटका। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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घरों में बन रहा था गुटका-बीड़ी और ब्रांडेड मसालों से लेकर नामचीन कंपनी का शैंपू तक
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श्यामगंज के दो व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर, एक को गिरफ्तार किया

बरेली। लॉकडाउन शुरू होने के साथ ही जबर्दस्त मुनाफाखोरी से श्यामगंज किराना बाजार की साख पर दाग लगा, अब यहां ब्रांडेड कंपनियों की नकली पैकिंग में बड़े पैमाने पर मसालों और बीड़ी-गुटका खपाए जाने का खुलासा हुआ है। मंगलवार को पुलिस के छापों में कई गोदामों से लाखों का नकली माल बरामद होने के बाद थाना बारादरी में श्यामगंज के दो व्यापारी भाइयों के खिलाफ एफआईआर लिखी गई है। एक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मंगलवार रात गिरफ्तार किए गए श्यामगंज के व्यापारी सचिन गुप्ता ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह और उसका भाई दिल्ली के खारी-बावली इलाके से ब्रांडेड कंपनियों के मसालों और बीड़ी-गुटका की नकली पैकिंग मंगाते थे। माल शहर में ही अलग-अलग ठिकानों पर बनाकर उन्हें पैक किया जाता था और फिर ब्रांडेड की ही कीमत पर ज्यादातर माल श्यामगंज में खपा दिया जाता था। सचिन ने बताया कि पहले वे लोग सिर्फ नकली मिर्च-मसाले ही बनाते थे लेकिन लॉकडाउन में जब बीड़ी-गुटका पर रोक लगने के बाद बाजार में उसकी मांग बढ़ी तो उन्होंने अलग-अलग ब्रांड का नकली बीड़ी-गुटका भी बनाना शुरू कर दिया। नकली बीड़ी बनाने के लिए वे पुरानी और खराब बीड़ी खरीदकर उसका तंबाकू इस्तेमाल कर लेते थे।
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बता दें कि सैनिक कॉलोनी में रहने वाले सचिन गुप्ता को हिरासत में लेकर मंगलवार को बारादरी पुलिस ने उसके तीन गोदामों में छापे मारे थे जहां से बड़े पैमाने पर अलग-अलग कंपनियों के नाम का नकली गुटका, बीड़ी, शैंपू और मिर्च-मसाले बरामद हुए थे। सचिन से पूछताछ के बाद पुलिस ने श्यामगंज में प्रिया ट्रेडर्स नाम से फर्म चलाने वाले उसके बड़े भाई नितिन के गोदामों पर भी दबिश दी। यहां भी भारी तादाद में नकली बीड़ी और खाद्य पदार्थों का जखीरा बरामद हुआ। नितिन पुलिस के हाथ नहीं लगा। छापों के बाद गुटका कंपनी के निदेशक अनिल गुप्ता की ओर से दोनों भाइयों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

शहर से ज्यादा कस्बों और गांवों में पहुंचता था नकली माल

सचिन ने पुलिस को बताया कि उसकी फर्म बरसों से मिर्च-मसाले का कारोबार कर रही है। नकली का खेल उसके भाई नितिन ने शुरू किया था। वही नकली माल बनवाकर उसकी सप्लाई करता था। मसाले और कुछ दूसरे उत्पाद वे लोग पहले से बनाते थे लेकिन लॉकडाउन में गुटके की मांग बढ़ी तो उन्होंने नकली गुटका भी बनाना शुरू कर दिया। इसके लिए अलग-अलग गोदाम लेकर मशीनें लगाईं। सचिन ने बताया कि दिल्ली की खारी बावली से वे किसी भी ब्रांड की पैकिंग मंगा लेते थे। शहर से ज्यादा देहात के व्यापारियों के जरिये उनके माल की ज्यादा खपत होती थी।

खराब बीड़ी का तंबाकू इस्तेमाल करते थे नकली बीड़ी बनाने में

इंस्पेक्टर बारादरी शितांशु शर्मा ने बताया कि सचिन ने कबूल किया है कि वे लोग खराब और कंपनी से रिजेक्ट बीड़ी खरीद लेते थे। इसका तंबाकू निकालकर नकली बीड़ी तैयार की जाती थी। यह नकली बीड़ी तोप, 121 नंबर और 405 नंबर जैसी ज्यादा मांग वाली बीड़ी की पैकिंग में बाजार में उतारी जाती थी। कमाई का पूरा हिसाब नितिन रखता था जबकि उत्पादन की जिम्मेदारी सचिन के पास थी। सचिन की गिरफ्तारी के बाद नितिन अपना फोन बंद करके भूमिगत हो गया।
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