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Bareilly News: घपलेबाजी में तीन प्रधानों व छह सचिवों को कारण बताओ नोटिस

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बरेली। विकास कार्यों में घपलेबाजी की पुष्टि होने के बाद डीएम ने तीन महिला प्रधानों के साथ ही छह पंचायत सचिवों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें भदपुरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत नकटी नरायनपुर की प्रधान हीराकली और फरीदपुर के सुकटिया सिंघावरी की प्रधान कमला देवी और कादरगंज की प्रधान उपासना हैं। साथ ही पंचायत सचिव नरेश पाल सागर, प्रेम प्रकाश, अजय दुबे, विजय सिंह, संजय वर्मा और राजेश कुमार भी आरोपी हैं।
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डीएम अविनाश सिंह इन प्रधानाें और सचिवों को 13 फरवरी को कारण बताओ नोटिस दिया है। इसमें उन्होंने दोषियों को जवाब दाखिल करने का 15 दिन का मौका दिया है। बताया जा रहा है कि कादरगंज में पीडी डीआरडीए चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव और सहायक अभियंता प्रवीन कुमार ने जांच की है। जांच में पाया गया कि पंचायत घर में 15 कुर्सियां रखी हैं, जबकि नौ कुर्सियों के चोरी होना बताया गया। वहीं, गांव के प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र में भी जांच अधिकारियों को गंदगी मिली। कुर्सी और चारपाई स्वास्थ्य केंद्र में नहीं मिली। प्रधान उपासना ने जांच अधिकारियों को बताया कि स्वास्थ्य केंद्र से सामान चोरी होने के भय से अपने घर रख लिया है। इस मामले में जांच अधिकारियों ने प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी राजेश कुमार को दोषी बताया है।
सुकटिया सिंघावरी के कार्यों में धांधली की शिकायत की जांच जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर और सहायक अभियंता शमीम अहमद ने की है। इसमें पंचायत सचिव एवं प्रधान के स्तर से प्राप्त विवरण में दर्शाई गई धनराशि अंतर मिला है। इस घपले में जांच अधिकारियों ने प्रधान कमला देवी और तीन पंचायत सचिव अजय दुबे, विजय सिंह एवं संजय वर्मा को दोषी माना है। संवाद
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गांव की बाजार में दुकानदारों से वसूली की पुष्टि
नकटी नरायनपुर के मामले की जांच एआर कोऑपरेटिव व सहायक अभियंता लघु सिंचाई ने की है। पंचायत घर के निर्माण में खामियां मिली हैं। जांच में गांव में बाजार में सफाई के नाम पर 10 रुपये की दर से प्रति दुकानदार अवैध वसूली की पुष्टि हुई है। सार्वजनिक शौचालय का निर्माण गुणवत्तापूर्ण नहीं पाया गया। इन मामलों में जांच अधिकारियों ने प्रधान हीराकली और पंचायत सचिव प्रेम प्रकाश व तत्कालीन सचिव नरेश पाल सागर को प्रथम दृष्टया दोषी करार दिया है।


ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में मिली कमियों को सुधार कराने का मौका प्रधानों और पंचायत सचिवों को दिया गया था, लेकिन उन लोगों ने अनदेखी की है। जिसके क्रम में उनके विरुद्ध कार्रवाई शुरू की गई है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर अगली कार्रवाई के लिए फाइल डीएम के सामने प्रस्तुत करेंगे। - कमल किशोर, डीपीआरओ
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