मुनाफाखोर खाने वाले तेलों में मिलावट के साथ धड़ल्ले से घटतौली भी कर रहे हैं। बाट माप विभाग ने खाद्य तेल का उत्पादन करने वाली छह फर्मों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब-तलब किया है। पिछले दिनों विभाग ने इन फर्मों के उत्पाद बाजार से सैंपल के तौर पर लिए थे। लैब में इनकी पैकिंग में 200 एमएल तक घटतौली मिली थी।
जिला प्रशासन ने मिलावट और घटतौली के बढ़ते कारोबार को लेकर कार्ययोजना बनाना शुरू कर दी है। इसके तहत डीएम नीतीश कुमार ने बाट माप विभाग के अफसरों से कहा कि उत्पाद और बाजार तय कर प्रभावी अभियान चलाया जाए।
बता दें कि विभिन्न नामों से बिक रहे खाद्य तेलों की पैकिंग में 200 एमएल तक घटतौली है। इसकी पुष्टि पिछले दिनों श्यामगंज मंडी और आसपास क्षेत्रों से लिए नमूनों से हुई है।
बाट माप सहायक नियंत्रक मनोज कुमार ने पैकिंग लैब में तुलवाए तो दो सौ एमएल तक घटतौली मिली, तो कुछ निर्माताओं ने पैकिंग अधिनियम का ही पालन नहीं किया है। इसके बाद विभाग ने बुधवार की दोपहर घटतौली में चिह्नित आधा दर्जन फर्मों को नोटिस जारी किए।
डीएम ने दिए सघन अभियान के निर्देश
डीएम ने घटतौली पर तीखी नाराजगी जताते हुए बाट माप अफसरों से कहा कि यह उपभोक्ता के साथ धोखाधड़ी है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि खाद्य तेल समेत सभी खानपान की वस्तुओें में गुणवत्ता, शुद्धता और पूरी तौल सुनिश्चित करने के लिए सघन अभियान चलाया जाए।
एक और दो लीटर खाद्य तेल पैकिंग में दो सौ एमएल तक घटतौली पाई गई थी। संबंधित आधा दर्जन फर्माें को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। साथ ही घटतौली की आड़ में उपभोक्ताओं से हो रही धोखाधड़ी पर लगाम लगाने को अभियान चलेगा। - मनोज कुमार, सहायक नियंत्रक