सिविल लाइंस स्थित पहलवान साहब की मजार और हनुमान मंदिर परिसर में दर्जनों दुकानें बन गई हैं, लेकिन नगर निगम में इनके दस्तावेज ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। शनिवार को पहलवान साहब मजार की इंतजामिया कमेटी के लोग अतिक्रमण अभियान के दौरान भेदभाव की शिकायत लेकर पहुंचे तो मेयर उमेश गौतम ने उनसे भी दुकानों से संबंधित दस्तावेज दिखाने को कहा।
नगर निगम के नक्शे में सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर और पहलवान साहब की मजार में कोई दुकान मौजूद नहीं है, लेकिन वर्तमान में हनुमान मंदिर में चार और पहलवान साहब की मजार में दर्जन भर से अधिक दुकानें मौजूद हैं। इनका निर्माण कैसे, किसकी अनुमति से हुआ, जमीन प्रशासन से फ्री होल्ड कराई गई नजूल की है या फिर अवैध कब्जा करके दुकानें बनीं हैं, इसका नगर निगम में कोई रिकार्ड नहीं मिल रहा है। यहां से गुजरने वाला नाला भी गायब हो चुका है। पिछले दिनों सिविल लाइंस में अयूब खां चौराहे से जिला अस्पताल तक अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया गया तो पहलवान साहब की मजार स्थित दुकानों का कुछ हिस्सा ध्वस्त कर दिया गया। इसे लेकर विवाद भी हुआ था। शनिवार को इंतजामिया कमेटी के सेक्रेटरी डॉ. नफीस खां कुछ दुकानदारों के साथ मेयर से मिलने नगर निगम पहुंचे। आरोप लगाया कि अभियान के दौरान अतिक्रमण हटाने वाली टीम आगे बढ़ गई थी, मगर किसी के कहने पर वापस लौटकर यूनिटी गारमेंट शॉप का बोर्ड तोड़ दिया। इस पर मेयर ने कहा कि सिविल लाइंस में बोर्ड ही नहीं धर्मस्थलों की आड़ में अवैध दुकानें तक बन गई हैं। इस पर डॉ. नफीस ने बताया कि दुकानें वक्फ की जमीन पर बनी हुई हैं तो मेयर ने उनसे दस्तावेज दिखाने को कहा।
नाले पर दोबारा हो गया कब्जा
आईएमसी के प्रवक्ता अफजाल बेग ने मेयर को ज्ञापन देकर श्यामगंज फलमंडी में अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा कब्जा होने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि नाले के ऊपर से अतिक्रमण हटाया गया था, लेकिन अब लोगों ने वहां फिर से दुकानें लगा ली हैं।
वर्जन
हनुमान मंदिर और पहलवान साहब की मजार के परिसर में कई दुकानें बना ली गई हैं, मगर नगर निगम में इनका कोई रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। अधिकारियों को रिकार्ड जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
- उमेश गौतम, मेयर