फ्लैग: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना
हेडिंग: सरकारी बैंड, बाजा और बारात पर शुक्र बने विलेन
22 जनवरी को पहले मुहूर्त पर शुक्र अस्त, आया सिर्फ एक आवेदन
1.16 करोड़ रुपये का मिला है बजट, जिले भर में होने हैं 475 विवाह
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए 22 जनवरी यानी बसंत पंचमी का पहला मुहूर्त है, मगर शुक्र अस्त होने के चलते इस मुहूर्त पर ‘ग्रहण’ लग गया है। इसी वजह से तारीख और आयोजन स्थल तय होने के साथ बजट मिलने के बावजूद आवेदक ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। आयोजन को सफल बनाने के लिए नगर निगम और समाज कल्याण विभाग हर तरह के प्रयास कर रहा है, मगर इस तारीख पर विवाह के लिए लाभार्थी ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। अब नगर निगम को सिर्फ मुस्लिम समाज से ही उम्मीद है ताकि पहले मुहूर्त पर दस-बीस शादियां तो कराई ही जा सकें।
सामूहिक विवाह योजना के तहत अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और अन्य गरीब बेटियों का विवाह कराया जाना है। आयोजन के लिए 22 जनवरी, सात फरवरी और 22 फरवरी की तिथियां तय की गई हैं। बरेली को 475 शादियां कराने का लक्ष्य मिला है। इसके लिए 1.66 करोड़ रुपये का बजट भी जारी हो चुका है। हर शादी पर 35 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। आयोजन के लिए गांधी सरोवर को चुना गया है। पहले मुहूर्त पर शादी कराने के लिए नगर निगम ने सौ शादियों का लक्ष्य निर्धारित किया और पार्षदों व विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की मदद से आयोजन को सफल बनाने के लिए जुट गया। नगर निगम की वेबसाइट पर भी अपलोड फार्म कर दिया। मगर शुक्र अस्त होने के चलते आवेदन ही नहीं आए। सामाजिक संगठनों के माध्यम से लोगों से संपर्क किया तो लोगों ने शुक्र अस्त होने के चलते अपने बच्चों के विवाह से इंकार कर दिया। अब नगर निगम दूसरी तिथियों पर शादी कराने की तैयारी में है।
समाज कल्याण विभाग में सिर्फ एक आवेदन
इस योजना के लिए समाज कल्याण विभाग से भी फॉर्म लिए और जमा किए जा सकते हैं, मगर यहां भी हालात नगर निगम से जुदा नहीं हैं। नगर निगम से दो लोग फार्म लेकर गए, लेकिन जमा करने लौटकर नहीं आए। इसी तरह समाज कल्याण विभाग में सिर्फ एक आवेदन जमा हुआ है।
इस बार बसंत पंचमी पर अस्त हैं शुक्र
22 जनवरी को वसंत पंचमी है और विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के लिए यह अबूझ सहालग है। इस दिन लोग बिना पूछे विवाह कर लेते हैं, मगर शुक्र अस्त होने के चलते इस साल ऐसा नहीं है। आचार्य मुकेश मिश्रा ने बताया कि विवाह जैसे मांगलिक कार्य के लिए गुरुबल और शुक्रबल देखा जाता है। विवाह तिथि के दिन इन दोनों ग्रहों का उदित रहना जरूरी होता है। इन दोनों ग्रहों में से किसी के भी अस्त होने पर विवाह वर्जित है। उन्होने बताया कि जहां गुरुबल वंश वृद्धि और संतान के संबंध में सहायक होता है, वहीं शुक्र दांपत्य जीवन में मिठास और खुशहाली लाता है। इन दोनों के उदित होने पर विवाह सफल माना जाता है। शुक्र उदय तीन फरवरी को होगा, इसलिए मकर संक्रांति से लेकर फरवरी के प्रथम सप्ताह तक कोई मुहूर्त नहीं है। सात फरवरी से विवाह शुरू होंगे।
कोट
अभी कोई आवेदन नहीं आया है। शुक्र अस्त होने के चलते लोग आवेदन से बच रहे हैं। इसके लिए एनजीओ की मदद भी ली जा रही है। प्रयास कर रहे हैं कि पहली तिथि पर कुछ मुस्लिम समाज की युवतियों की शादी कराई जा सके।
- राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त
आवेदन नहीं आ रहे हैं। प्रयास किए जा रहे हैं। तमाम वजहों के साथ लग्न न होना भी एक वजह हो सकती है। सुनते हैं इस बार लग्न नहीं है। 22 जनवरी को वसंत पंचमी का पर्व है, मगर लग्न न होने से लोग आवेदन नहीं कर रहे होंगे।
- अशोक दीक्षित, जिला समाज कल्याण अधिकारी