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झटका : ड्राइविंग लाइसेंस के छह हजार आवेदकों के स्लॉट रद्द

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आरटीओ ऑफिस में लगी लोगों की लाइन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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आरटीओ ऑफिस में शुरू हुई लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया मगर पहले ही दिन सर्वर डाउन होने से घंटों करना पड़ा इंतजार
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रुक-रुककर चला सर्वर, सिर्फ 85 लर्निंग लाइसेंस बने, स्थाई एक भी नहीं

बरेली। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले छह हजार से ज्यादा लोगों के स्लॉट आरटीओ ऑफिस ने रद्द कर दिए हैं। अब इन लोगों को नए सिरे से स्लॉट बुक कराने होंगे। उधर, करीब डेढ़ महीने बाद सोमवार को आरटीओ ऑफिस में लर्निंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन सर्वर के रुक-रुककर चलने से पूरे दिन में सिर्फ 85 लोगों के लर्निंग लाइसेंस बन पाए। आवेदकों को घंटो लाइन में भी खड़ा रहना पड़ा। स्थाई लाइसेंस एक भी नहीं बन पाया।
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों ने काफी पहले से स्लॉट बुक करा रखे थे। इस बीच लाइसेंस बनने की प्रक्रिया स्थगित कर दिए जाने की वजह से आवेदकों की संख्या बढ़ती रही और लंबित स्लॉट का आंकड़ा छह हजार तक पहुंच गया। सर्वर पर लोड पड़ने की आशंका से ये सारे स्लॉट रद्द कर दिए गए। नए सिरे से स्लॉट बुक कराने के बाद तमाम लोगों को सोमवार को बुलाया गया था लेकिन सर्वर डाउन हो जाने की वजह से उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। पूरे दिन में सिर्फ 85 आवेदकों के ही लर्निंग लाइसेंस बन पाए। स्थाई लाइसेंस एक भी नहीं बन पाया। कई लोग लंबे इंतजार के बाद बगैर लाइसेंस बनवाए ही लौट गए। वंचित रह गए लोगों को अब मंगलवार को बुलाया गया है।
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दरअसल लॉकडाउन के बाद आरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस और लार्निंग लाइसेंस के सभी स्लॉटों को 30 जून तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। संक्रमण कम होने पर एक जून से ड्राइविंग लाइसेंस के स्लॉट बुक करने के साथ फिटनेस जारी करने का काम फिर शुरू हुआ। 20 जून तक छह हजार स्लॉट बुक हुए जिन्हें रद्द कर दिया गया।

कोविड प्रोटोकॉल की भी धज्जियां उड़ीं

सोमवार को एक साथ तमाम आवेदकों के पहुंचने के बाद कोविड प्रोटोकॉल का भी जमकर उल्लघंन हुआ। हालांकि ऑफिस के मुख्य गेट पर एक कर्मचारी आने वाले लोगों के हाथ सैनिटाइज करा रहा था लेकिन लोगों के बीच आपसी दूरी रखने के साथ मास्क पहनना सुनिश्चित कराने के लिए कोई नहीं दिखा। बता दें कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में आरटीओ ऑफिस से ही संक्रमितों के मिलने की शुरुआत हुई थी।
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सर्वर हैंग होने की की वजह से लनिँग लाइसेंस बनने की प्रक्रिया धीमी रही है। चूंकि प्रदेेश के सभी जिलों में एक साथ काम शुरू हुआ है, इस कारण सर्वर पर ज्यादा लोड था। - आरपी सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन
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