फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: हर-हर महादेव से गूंजे शिवालय

Tue, 04 Aug 2026 12:37 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
गुलड़िया। सावन के पहले सोमवार पर घंटों की गूंज, हर-हर महादेव की गूंज और भोर से ही जल से भरे कलश लिए श्रद्धालुओं की कतारों से माहौल शिवमय हो गया। जनपद शिव की भक्ति में रमा रहा।
विज्ञापन


हरिद्वार और कछला से गंगाजल लेकर आए शिव भक्तों ने प्रसिद्ध गौरी शंकर मंदिर में शिवलिंग का जलाभिषेक किया। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी पूजा-अर्चना की। घंटों और महादेव के जयकारों की गूंज दिनभर रही। श्रद्धालुओं की कतारें भोर से हीं लगने लगीं। सावन के पहले सोमवार को चार से पांच हजार श्रद्धालुओं ने मंदिर में शिवलिंग का जलाभिषेक किया। मंदिर प्रबंधन ने सुविधा के लिए मंदिर के दोनों ओर बैरिकेडिंग कराई। एक ओर महिला और दूसरी ओर से पुरुषों को दर्शन करने के लिए भेजा गया। सिरौली नगर पंचायत से आठ मोबाइल शौचालय मंगवाए गए। मंदिर के बाहर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिसकर्मी तैनात रहे। प्रशासनिक अधिकारी भी भ्रमणशील रहे।
मीरगंज। कस्बे के अलावा नगरिया सादात, चुरई दलपतपुर, सिंधौली, रसूलपुर, जाम हुरहुरी, धनेटा, मिर्जापुर, आनंदपुर, दुनका, सुल्तानपुर, गनेशपुर, धनेली, औरंगाबाद आदि गांवों में श्रद्धालुओं ने शिवालयों में शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा और फूल अर्पित कर जलाभिषेक किया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन मुस्तैद रहा। मंदिरों के पास पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित शर्मा फैमिली ढाबे पर बनाए गए शिविर में एसडीएम ने इंतजामों का जायजा लिया। वहां निशुल्क भोजन, शुद्ध पेयजल, विश्राम स्थल और प्राथमिक चिकित्सा के बारे में जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां मौजूद थी। इस दौरान तहसीलदार आशीष कुमार और एडीओ पंचायत वीर पाल सिंह मौजूद रहे। सीओ मीरगंज अजय कुमार ने बताया कि पुलिस गश्त करती रही। एसडीएम निधि शुक्ला ने बताया कि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन की टीम क्षेत्र में भ्रमण करती रही। संवाद
विज्ञापन




आंवला। बाबा गोवर्धनदास महाराज की तपोस्थली पुरैना धाम मंदिर, सिद्धबाबा मणि सहित क्षेत्र के सभी शिव मंदिरों में तड़के से ही श्रद्धालु कतारबद्ध हो गए। शिव मंदिर शास्त्री गली, हृदेश्वरनाथ मंदिर, चंचल गिरी मंदिर, गायत्री शक्ति पीठ पुरैना ढाल, ठाकुरद्वारा मंदिर, बालाजी धाम ढिलवारी, ब्रह्मदेव महाराज मनौना आदि के शिवालयों में श्रद्धालुओं ने भांग, सफेद फूल, चंदन, बेलपत्र आदि पूजन सामग्री अर्पित कर दुग्धाभिषेक व जलाभिषेक किया। कुछ मंदिर में रुद्राभिषेक भी किया गया। शिवभक्तों ने दिनभर उपवास कर देर रात तक भजन-कीर्तन और जप किया। संवाद

सिरौली/बिशारतगंज। मोहल्ला साईंदान स्थित प्राचीन ढाए वाले शिवधाम पर रविवार रात 12:00 बजे से कांवड़ियों की कतारें लगने लगीं। कछला से कांवड़ लेकर लौटी शिव महाबरात में शामिल श्रद्धालुओं ने शिवलिंग का जलाभिषेक किया। अन्य श्रद्धालुओं ने भी पूजा सामग्री अर्पित कर शिव की पूजा की। यह सिलसिला दोपहर 3:00 बजे तक चलता रहा। सुविधा के लिए नगर पंचायत ने सड़कों की सफाई कराकर चूना डलवाया। प्रशासन ने निगरानी की। बिशारतगंज में भी यही माहौल रहा। शिवालयों में दिनभर हर-हर महादेव की गूंज रही। संवाद

नवाबगंज। तहसील क्षेत्र के मंदिरों में शिवलिंग के जलाभिषेक के लिए भोर से श्रद्धालु कतारबद्ध हो गए। तीर्थ स्थानों से गंगाजल लेकर आए कांवड़ियों ने भी जलाभिषेक किया। कुछ मंदिरों में दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक किया गया। बम-बल भोले के जयकारों की गूंज दिनभर रही। संवाद


टोल प्लाजा पर कांवड़ियों को जलपान करायाहाफिजगंज/भड़सर। लभेड़ा स्थित टोल प्लाजा पर कांवड़ियों का स्वागत किया गया। टोल प्रबंधक रजनीश बाबू, राजेंद्र कुमार, कोटेदार हरपाल गंगवार, नरेश पाल गंगवार आदि ने शिव भक्तों को जलपान कराया। काड़ू बाबा शिव मंदिर में दिनभर भजन-कीर्तन हुए। सुरक्षा के लिए पुलिस मुस्तैद रही। संवाद
फतेहगंज पूर्वी। बाग वाले मंदिर, साहूकारा व लेखपाल कॉलोनी स्थित मंदिरों समेत शिवालयों में भोलेनाथ के जयकारों के साथ शिवलिंग का जलाभिषेक किया गया। फरीदपुर, भुता, कुआंडांडा समेत अन्य क्षेत्रों में भी शिव की पूजा की गई। कांवड़ियों ने गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक किया। संवाद

पहले सोमवार को रही बम भोले की गूंज
बहेड़ी/शीशगढ़। भोले बाबा की मढ़ी, चौरासी घंटा, रामलीला मैदान, केसर मिल, तहसील परिसर और मोहल्ला शेखूपुर स्थित शिव मंदिरों सहित अन्य शिवालयों में सोमवार को दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। पूजा कर शिवलिंग का जलाभिषेक किया गया। डीजे की धुन पर थिरकते शिवभक्तों का जगह-जगह स्वागत किया गया। शीशगढ़, मानपुर, कुतकपुर, बल्ली, शहपुरा, सहोड़ा आदि में भी पूजा-अर्चना की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें