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Bareilly News: बरेली स्पोर्ट्स स्टेडियम में टेक्नीशियन के तौर पर शिव ने शुरू किया था कॅरिअर

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बरेली। यूपीसीए और बीसीसीआई के पिच क्यूरेटर शिव कुमार यादव ने अपने कॅरिअर की शुरुआत वर्ष 1994 में बरेली स्पोर्ट्स स्टेडियम के स्विमिंग पूल में बतौर टेक्नीशियन की थी। 22 साल पहले वह कानपुर चले गए। ग्रीन पार्क स्टेडियम में पिच क्यूरेटर की कमी को देखते हुए उन्होंने खुद इस हुनर को सीखा और योग्यता हासिल की। शिव कुमार अपने काम में इतने पारंगत थे कि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी उनकी तारीफ की थी।
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शिव मूल रूप से बरेली के बिहारीपुर के निवासी थे। उन्होंने लक्ष्मी नगर में अपना मकान बनवाया था। उनके बहनोई राजेंद्र सिंह ने बताया कि शिव को करीब 4-5 साल पहले भी कानपुर में ही हार्ट अटैक आया था, इसके बाद से उनका इलाज चल रहा था।
बरेली स्पोर्ट्स स्टेडियम के बाद उन्होंने प्रयागराज और लखनऊ में भी सेवा दी। वर्ष 2004 में वह कानपुर गए, तो अपनी लगन और मेहनत के बूते वह देश के नामचीन पिच क्यूरेटर बने। उनका कौशल इतना शानदार था कि यूपीसीए और बीसीसीआई के अलावा विदेशों में भी उनकी मांग थी।
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निधन से महज 15 दिन पहले ही वो इंडोनेशिया में पिच बनाने की ट्रेनिंग देकर लौटे थे। वहीं, भाई संत कुमार यादव ने बताया कि वह शिव का पार्थिव शरीर लाने के लिए वह कानपुर जा रहे हैं। शिव की अंत्येष्टि बुधवार को की जाएगी। उनके निधन पर एसआरएमएस क्रिकेट अकादमी में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। बीसीए के सचिव सीताराम सक्सेना और संरक्षक आदित्य मूर्ति के साथ ही ओपी कोहली, राहुल कपूर, शहजाद अली, राजन मनोहर, चंचल उपाध्याय, आदर्श तिवारी ने भी शोक व्यक्त किया। संवाद

पुणे में दो बेटों के साथ रहती हैं पत्नी
शिव कुमार यादव ने खेल विभाग से वीआरएस ले लिया था और पिछले 15 वर्षों से बीसीसीआई व यूपीसीए के लिए काम कर रहे थे। उनकी पत्नी विमलेश और दोनों बेटे अंजुल व मंजुल पुणे में रहते हैं। जब शिव का निधन हुआ तो उस दौरान उनकी पत्नी तबीयत खराब होने के कारण पुणे के ही एक अस्पताल में दिखाने गईं थीं। यूपीसीए में एडवाइजरी को-चेयरमैन सीताराम सक्सेना ने बताया कि पिछले साल दिसबंर में एसआरएमएस में कूच बिहार ट्रॉफी के दौरान शिव बरेली आए थे। यहां उत्तर प्रदेश और बंगाल के बीच हुए मुकाबले की पिच उन्होंने ही बनाई थी।
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