सीमित संसाधनों के चलते नगर निगम में शामिल होने के बाद भी 48 गांव विकास से अछूते हैं। बीते दिनों मेयर उमेश गौतम ने भ्रमण कर सीबीगंज क्षेत्र के ऐसे कई गांवों का हाल देखा था, जहां आज तक खड़ंजा भी नहीं पड़ा है। अब इन गांवों के हालात भी सुधरेंगे।
परिसीमन के दौरान नगर निगम की सीमा में 48 गांव शामिल किए गए थे। चुनाव में तो ये गांव नगर निगम का हिस्सा रहे, लेकिन विकास के मामले में अछूते बने रहे। सीबीगंज क्षेत्र के ही कई गांव ऐसे हैं, जिनमें कुछ सड़कें आज तक बनी ही नहीं हैं। यहां न पेयजल की सप्लाई है और न सीवर का इंतजाम। पिछले दिनों मेयर ने इनमें से कुछ गांवों का भ्रमण कर सड़कें बनवाने के निर्देश दिए थे। ऐसा ही हाल शहर की दर्जनभर से अधिक मलिन बस्तियों का भी है जो आज तक विकास से अछूती हैं। मेयर उमेश गौतम ने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत मिले बजट में इन बस्तियों की दशा संवारने के लिए भी काम किया जाएगा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में सिर्फ सिविल लाइंस का ही विकास नहीं होगा, बल्कि शहर के हर हिस्से को विकसित किया जाएगा।