बरेली। सेपक टाकरा में अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपने खेल कौशल का लोहा मनवाने वालीं शिल्पी अब सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में बतौर कांस्टेबल सेवाएं दे रही हैं। वह अब भी खेल से जुड़ी हुई हैं।
12 वर्ष की उम्र में खेल में कदम रखने वाली शिल्पी बताती हैं कि शुरुआती दिनों में संसाधन सीमित थे, लेकिन खेल में भविष्य बनाने का हौसला अडिग था। वर्ष 2023 में उनकी मां का निधन हो गया। इसके बाद वह कुछ समय तक काफी परेशान रहीं, लेकिन उन्होंने इस दुख को अपने खेल पर हावी नहीं होने दिया। इसके बाद और अधिक मेहनत शुरू कर दी। वह वर्ष 2018 में नेपाल में आयोजित साउथ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक व नवंबर 2025 में आयोजित खेलो इंडिया बीच गेम्स में रजत और कांस्य पदक जीत चुकी हैं।