आंवला के संस्थान में भी लिए डीफार्मा के एडमिशन
जाफरी के खुसरो ट्रस्ट की ओर से आंवला के इस्माइलपुर में न्यू खुसरो फार्मेसी इंस्टीट्यूट खोला गया। वहां भी डीफार्मा के लिए एडमिशन लिए गए। वहां कितने छात्रों ने एडमिशन लिए और कितने छात्र वहां डीफार्मा का कोर्स कर रहे थे, यह जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। इस संस्थान से जुड़े लोग भी जांच के घेरे में आ सकते हैं।
यूपीएससी और नीट की तैयारी भी कराता था आरोपी
इंग्लिश से एमए पास शेर अली जाफरी छात्रों को यूपीएससी और नीट की तैयारी कराता था। खुसरो अस्पताल के नीचे उसने केएम क्लासेस नाम से कोचिंग खोली थी। बताया जा रहा है कि जाफरी कोचिंग में खुद क्लास लेता था। इस कोचिंग में आने वाले अधिकतर छात्र उसके ही काॅलेज के हैं। अब कोचिंग की भी जांच शुरू हो गई है।
खुद मुन्नाभाई, दूसरों को बांटता था डिग्रियां
दूसरों को डिग्रियां बांटने वाला 25 हजार का इनामी डॉ. विजय शर्मा खुद मुन्नाभाई है। वह आस्था कंसल्टेंसी के अलावा एचएल कंसल्टेंसी भी चलाता था। इसके जरिये वह बीएड, बीएलएड, बीटीसी और बीपीएड की मान्यता दिलवाने का झांसा देता था। जाफरी के संपर्क में आने के बाद दोनों ने कम समय में करोड़ों रुपये कमाने के लिए सैकड़ों छात्रों को फर्जी मार्कशीट थमा दी।
मामला पकड़ में आने के बाद दोनों एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ने लगे। छात्रों को रुपये लौटाने का वादा किया था, लेकिन करोड़ों रुपये उड़ाए और निवेश किए जा चुके थे, इसलिए ऐसा नहीं हो सका। जाफरी ने पुलिस को साधकर बच निकलने की कोशिश की, लेकिन कामयाब न हो सका।
एसपी दक्षिणी मानुष पारीक ने बताया कि एसआईटी जाफरी व विजय शर्मा से जुड़े सभी संस्थानों व संबंधित आरोपियों की जांच कर रही है। अपराध की स्थिति और साक्ष्यों के मुताबिक चार्जशीट लगाई जाएगी। विजय शर्मा पर इनाम घोषित किया गया है। उसके न मिलने पर कोर्ट खुलते ही गैर जमानती वारंट के लिए आवेदन किया जाएगा।
डॉ. अतुल का पता और मोबाइल नंबर भी निकला फर्जी
मानकों को दरकिनार कर संचालित एचए खुसरो अस्पताल फर्जीवाड़ा की नींव पर खड़ा था। दस्तावेजों की जांच में इसकी पोल खुल रही है। जिस डॉ. अतुल को अस्पताल का संचालक दिखाया है, उसका पता, मोबाइल नंबर फर्जी है। अब अस्पताल का पंजीकरण निरस्त होगा।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अहमद अंसारी के नेतृत्व में तीन दिन पहले अस्पताल का निरीक्षण किया था तो वहां ताला लगा मिला था। उसी ताले पर सील की मुहर लगाकर नोटिस चस्पा कर दिया गया था। इसके बाद पंजीकरण की फाइल खंगाली गई।
शेर अली जाफरी के परिवार में कोई डॉक्टर नहीं है, लिहाजा डॉ. अतुल कुमार के नाम पर पंजीकरण कराया। मगर, डॉ. अतुल कौन है, यह स्पष्ट नहीं हो सका। डॉ. लईक के मुताबिक जांच में संबंधित चिकित्सक का मोबाइल नंबर, पता गलत है। अस्पताल के पैनल में दर्ज डॉक्टरों को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है। ऐसे में अब अस्पताल का पंजीकरण निरस्त किए जाने की कवायद शुरू की गई है।