तीन सौ छात्रों के भविष्य से की खिलवाड़
जेल जाने से पहले शेर अली जाफरी भाजपा नेता के तौर पर पहचान बना चुका था। वह बड़े नेताओं व अफसरों की खातिरदारी करता था। उन्हीं दिनों उस पर करीब तीन सौ छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर फर्जी मार्कशीट थमाने और करोड़ों रुपये हड़पने का आरोप लगा था। शेर अली जाफरी और उसके गुर्गों पर कई मुकदमे दर्ज हुए।
शेर अली, उसका बेटा व कई गुर्गे जेल भी भेजे गए थे। शेर अली जेल से छूटकर किसान एकता संघ से जुड़ गया है। किसान नेता बनकर ज्ञापन देने लगा है। हाल ही में उसकी मिनी बाइपास स्थित बिल्डिंग में रेस्टोरेंट खोला गया है। बताया जा रहा है कि कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए शेर अली ने कई जुगाड़ भिड़ा रखा है। हालांकि, पुलिस दोबारा कार्रवाई की तैयारी में है।
गैंगस्टर लगा, लेकिन संपत्ति नहीं हो सकी जब्त
साल की शुरुआत में शेर अली, फिरोज अली, जाकिर, तारिक अल्वी, विजय शर्मा और विश्वनाथ शर्मा के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। इन लोगों ने खुद ही अंकपत्र बनाकर मेडिकल छात्रों को बांट दिए। जब छात्रों ने नौकरी के लिए आवेदन किया तो फर्जीवाड़े का भंड़ाफोड़ हुआ था। इससे पूरे गिरोह ने अवैध संपत्ति अर्जित की। हालांकि, गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद भी इन अवैध संपत्तियों को चिह्नित नहीं किया गया।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि एसआईटी गठित कर शेर अली जाफरी व उसके गिरोह के खिलाफ चार मुकदमों की विवेचना कराई गई थी। इनमें चार्जशीट लग चुकी है। आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद संपत्ति चिह्नीकरण भी हो चुका है। आगे की कार्रवाई प्रस्तावित है। नई रिपोर्ट की नए सिरे से विवेचना की जाएगी।