घरों में कलश स्थापना कर मां शैलपुत्री की आराधना कर सुख समृद्धि की कामना की गई। मंदिरों में पुजारियों ने विधि विधान से घट स्थापना कराई। व्रत रखकर भक्तिभाव से माता की उपासना करते हुए भक्तों ने भोग लगाया। शहर में कई जगह देवी पंडाल सजाए गए हैं।
ज्योतिर्विद डॉ. सौरभ शंखधर ने बताया कि इस बार मां दुर्गा का आगमन गज (हाथी) पर हुआ है। इसे बेहद शुभ माना जा रहा है। 30 साल बाद शारदीय नवरात्र का प्रारंभ शश राजयोग, भद्र राजयोग और बुधादित्य योग के साथ हुआ है।