यूपी और उत्तराखंड में सात लाख हेक्टेअर से ज्यादा जमीन की सिंचाई के लिए पानी सप्लाई करने वाला शारदा बैराज संकट से जूझ रहा है। बैराज में पानी की कमी को देखते हुए नेपाल को प्रतिदिन दी जाने वाली एक हजार क्यूसेक पानी की सप्लाई सात मई से बंद कर दी गई है। शारदा बैराज के जल संकट के कारण उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सात लाख हेक्टेअर जमीन की सिंचाई भी प्रभावित हुई है। शारदा नहर समेत बरेली और शाहजहांपुर की छह नदियां भी सूखने के कगार पर पहुंच रही हैं।
उत्तराखंड के बनबसा कस्बे में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित शारदा बैराज की क्षमता छह लाख क्यूसेक है। बैराज के पानी से शारदा नहर के रास्ते चंपावत से पीलीभीत, बरेली, शाहजहांपुर होते हुए रायबरेली तक सात लाख हेक्टेअर से ज्यादा जमीन की सिंचाई होती है। भारत सरकार एक समझौते के तहत नेपाल को इस बैराज से गर्मियों में प्रतिदिन एक हजार और सर्दियों में 150 क्यूसेक पानी दिया जाता है। बैराज में इस समय मात्र 6165 क्यूसेक रह जाने से शारदा नहर और उससे जुड़ी दो सौ से ज्यादा छोटी नहरों को सामान्य का 20 फीसदी पानी भी नहीं मिल रहा।
इन जिलों में जमीन की सिंचाई पर असर
चंपावत, उधम सिंह नगर (दोनों उत्तराखंड), पीलीभीत, शाहजहांपुर, बरेली, हरदोई, सीतापुर, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, लखीमपुर खीरी (यूपी) में 7 लाख हेक्टेअर से ज्यादा जमीन की सिंचाई शारदा बैराज के पानी से होती है। बैराज का पानी शारदा नहर और उससे जुड़ी दो सौ छोटी नहरों में पहुंचाया जाता है। शारदा नहर में पानी सप्लाई की क्षमता 11500 क्यूसेक है। वर्तमान में इस नहर को प्रतिदिन चार हजार क्यूसेक से भी कम पानी पानी मिल पा रहा है।
‘शारदा बैराज में पानी की कमी जरूर है लेकिन स्थित इतनी खराब नहीं है। शारदा कैनाल को पानी पर्याप्त मात्रा में दिया जा रहा है। नेपाल को पानी की सप्लाई फिलहाल बंद चल रही है।’ दीपक यादव, अधिशासी अभियंता, सिंचाई