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जंजीर से बांधकर कारखाने में काम कराया

Thu, 29 Oct 2015 02:07 AM IST
बरेली
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बरेली। अंग्रेजी हुकूमत और जमींदारी के दौरान जबरन बांधकर बंधुआ मजदूर बनाने के कई किस्से सुने और पढ़े होंगे। अब भी कुछ लोग ऐसा कर मजदूरों पर जुल्म ढा रहे हैं। शहर में एक जरी करोबारी ने कारीगर को जंजीर से बांधकर न सिर्फ रात दिन कारखाने में काम करवाया बल्कि भूखा प्यासा भी रखा। उसका कुसूर सिर्फ इतना था कि वह कारोबारी से उधार लिए 17 हजार रुपये नहीं चुका पाया था। बारादरी पुलिस ने बुधवार को उसे बंधनमुक्त कराया और कारोबारी को गिरफ्तार कर हवालात में डाल दिया।
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मामला बारादरी इलाके के सहसवानी टोला मोहल्ले का है। यहां की सिमरन बुधवार सुबह साढ़े दस बजे न्यू अवध सेवा समिति की अध्यक्ष फरजाना कुरैशी के साथ एसपी सिटी समीर सौरभ से मिलीं। उसने बताया कि उसका पति दानिश जरी कारीगर है। उसने मोहल्ले में जरी कारखाना चलाने वाले सिकंदर से छह महीने पहले 17 हजार रुपये उधार लिए थे। रुपये न चुकाने पर कारीगर ने 25 अक्तूबर को दानिश को कारखाने में जंजीर से बांधकर बैठा लिया। उससे रात-दिन काम कराया जा रहा है। एसपी सिटी ने बारादरी इंस्पेक्टर मुहम्मद कासिम को कारीगर को बंधनमुक्त कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस सिकंदर के कारखाने पहुंची तो वहांदानिश के पैर में जंजीर बंधी थी। उसमें दो ताले भी लगे थे। एक छोटा ताला पैर में बांधी गई जंजीर और दूसरा बड़ा कारखाने में रखी अलमारी में बांधी गई जंजीर के दूसरे छोर पर पड़ा था। पुलिस बड़ा ताला खुलवा कर दानिश को थाने ले आई, जबकि छोटे ताले की चॉबी न मिलने से उसके पैर में ही जंजीर पड़ी रही। सिकंदर को भी पकड़ाकर थाने लाया गया। इसके बाद थाने में काफी भीड़ आ गई और हंगामा होने लगा। इसी पर सीओ सिटी तृतीय ने आरोपी सिकंदर को हवालात में डालकर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दे दिए। इंस्पेक्टर मुहम्मद कासिम ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अमानवीय व्यवहार कर युवक को बंधक बनाकर काम कराने के आरोप की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

दो दिन भूखा रखा, तीसरे दिन पिलाई चाय
कारीगर दानिश ने बताया कि सिकंदर उसे रविवार को जंक्शन से टिकट लेने के दौरान पकड़कर लाया गया था और कारखाने में जंजीर से बांध दिया। उससे रात दिन काम कराया गया। दो दिन भूखा रखा गया और तीसरे दिन सिर्फ चाय पिलाई गई।
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जुमे को छोड़ने की बात कही थी
सिकंदर की मां का कहना था कि उसने दानिश को छोड़ने की बात कही थी। सिकंदर उसे जुमे (शुक्रवार) तक छोड़ने की बात कह रहा था। उनका यह भी कहना था कि वह दानिश को सुबह नाश्ता और दोनों वक्त का खाना पहुंचाती थीं।

मां ने लगाया मारपीट का आरोप
दानिश की मां भी थाने पहुंची और कारोबारी के परिवार वालों पर घेरकर मारपीट का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि कारोबारी के परिवार वालों ने उसके परिवार का जीना हराम कर रखा था, पैसा न दे पाने पर हर दिन ताने देकर गालियां दी जाती थीं।

तगादे से आजिज आकर जयपुर चला गया था दानिश
उधार लिया गया पैसा न चुका पाने पर दानिश से तगादा किया जाता था। वह इससे परेशान होकर पांच महीने पहले जयपुर चला गया था और मोहर्रम पर घर आया था, तभी सिकंदर उसकी तलाश में लग गया था। रविवार को वह जयपुर जाने के लिए जंक्शन पर टिकट लेने गया था, जहां से उसे सिकंदर ने पकड़ लिया।

सिकंदर के भाई ने थाने में दी गालियां
भाई के पकड़े जाने से बौखलाए सिकंदर के भाई ने मौके पर और थाने पहुंचकर दानिश के परिवार वालों को खुलेआम गालियां दीं। कहा कि  पहले उसके भाई से पैसा ले लिया गया और अब पकड़वा दिया गया।

बहन की शादी में पड़ रही है पैसों की जरूरत
सिकंदर का कहना था कि उसने ऐसे वक्त पर दानिश को उधार दिया, जब उसे कोई पूछता तक नहीं था। उसने एक बार पत्नी की डिलीवरी के वक्त पैसा उधार दिया, लेकिन वापस नहीं दिया गया। सिकंदर ने बताया कि अब उसकी बहन की शादी होने वाली है, इसलिए उसे पैसे की जरूरत पड़ी तो उसने दानिश से पैसा मांगा। जब पैसा नहीं मिला तो वह हिसाब करने के बहाने से दानिश को अपने कारखाने ले आया और काम कराकर पैसा वसूलना चाहा। जंजीर से बांधने की बात पर उसने कहा कि उसे दानिश पर बिल्कुल भरोसा नहीं था। कहीं वह भाग न जाए इसलिए उसके पैर में जंजीर बांधकर ताला लगा दिया था।

कोट
गरीब के पास पैसा नहीं था तो कहां से चुकाता। किसी को बांधकर काम कराना अमानवीय व्यवहार की श्रेणी में आता है, इसलिए जरी कारोबारी सिकंदर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर उसे गिरफ्तार करा दिया गया।
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- डीएस मार्छाल, सीओ सिटी तृतीय
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