बरेली। परसाखेड़ा के औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगपति सुधीर कुमार अग्रवाल, उनकी पत्नी मधुलिका अग्रवाल और नौकरानी अंशु कश्यप की हत्या का पुलिस ने अपनी ओर से खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड में चार लोग शामिल थे, जिनमें से अजय और देवेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दो और पुलिस की जद में हैं, जिन्हें जल्द ही पेश किया जा सकता है। बकौल पुलिस हत्या शनिवार सुबह ही कर दी गई थी। तीनों को गंडासे से मारा गया, जिसे अजय की निशानदेही पर बरामद कर लिया गया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों ने बताया है कि वे अंशु को भगाने की नीयत से आए थे लेकिन उनके दो साथियों ने लूटपाट का इरादा बना लिया और विरोध करने पर पहले अंशु, फिर मधुलिका और अंत में सुधीर अग्रवाल की भी हत्या कर दी।
हत्या में शामिल देवेंद्र के गांव के ही संजू और ओमकार भी पुलिस की जद में हैं। पुलिस ने फिलहाल गिरफ्तारी देवेंद्र और अजय की ही दिखाई है। पुलिस का दावा है कि हत्या में इस्तेमाल किया गया गंडासा कोठी के ही फाउंटेन के पास से बरामद कर लिया है। एसएसपी धर्मवीर यादव ने देवेंद्र और अजय के हवाले से बताया कि वे घटना से एक दिन पहले ही शाम सात बजे कोठी में दाखिल हो गए थे। उद्योगपति की नौकरानी अंशु ने ही देवेंद्र और उसके साथियों की एंट्री कराई थी। अजय साढ़े नौ बजे तक कोठी के बाहर ही रहा। देवेंद्र ने संजू और ओमकार को कोठी के अंदर कर लिया था। अंशु बाद में अजय को बुलाकर ले गई थी। देवेंद्र जिला एटा के थाना जैथरा के बंधा गांव का रहने वाला है। निवाड़ फैक्ट्री में उसके गांव के संजू और ओमकार भी काम करते थे। इसलिए वह उन्हें अंशु को भगा ले जाने के लिए मदद करने को बुलाकर लाया था। शनिवार को देवेंद्र अंशु के साथ ही सोया। अजय सोफे पर सो गया और संजू और ओमकार नीचे कमरे में सोए थे। सुबह पांच बजे उठने के बाद अजय ने सबको जगाया। इसके बाद हलचल शुरू हो गई। सुबह सात बजे संजू और ओमकार अंशु के कमरे में आए तो लूटपाट करने की बात करने लगे। संजू गंडासे को पीठ में बांधकर लाया था। उसने गंडासा निकाला तो अंशु भड़क गई। उसने लूटपाट का विरोध कर दिया। साढ़े सात बजे देवेंद्र बाथरूम में था। संजू ने इसका फायदा उठाकर अंशु पर गंडासे से हमला करके उसे मार डाला। अंशु की चीख सुनकर मधुलिका ऊपर आईं तो संजू दरवाजे के पीछे छिप गया। वह जैसे ही अंशु के पास कमरे में अंदर आईं, संजू ने उन पर गंडासे से हमला करके उन्हें भी मार डाला। बाद में लूटपाट करने के लिए अजय, संजू और ओमकार नीचे आ गए। यहां सुधीर कुमार अग्रवाल की भी गंडासे से हत्या करके चारों 15 हजार रुपये की नगदी, तीन मोबाइल फोन, जेवर आदि के साथ नौ बजे दीवार फांदकर फरार हो गए। देवेंद्र ने अजय की शर्ट से खून से सना गंडासा पोंछ दिया था, इसलिए उसने कोठी से निकलते ही उसे बाहर जल रही आग में जला दिया।
यहां से अजय सीधा अपने घर पहुंचा और मां से टेंट वाले के यहां काम पर जाने की बात कहकर निकल आया। वहां काम में मन नहीं लगा तो सोमवार को मौसी के घर थाने से 100 कदम दूरी पर आईटीआर कॉलोनी आ गया। यहां से सर्विलांस की मदद से उसकी गिरफ्तारी कर ली गई। एसएसपी ने बताया कि आरोपी अजय से मधुलिका का मोबाइल फोन और अभियुक्तों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया गंडासा फैक्ट्री परिसर के फब्बारे बरामद हुआ है। बाकी दोनों अभियुक्तों की तलाश की जा रही है।